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Sunday, 5 April, 2026
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बंगाल के पंचायत चुनाव में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी: राज्यपाल

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कोलकाता, 10 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने शनिवार को जोर दिया कि राज्य के आगामी पंचायत चुनाव में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उनके इस बयान से पहले, राज्य निर्वाचन आयुक्त राजीव सिन्हा ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के वास्ते नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख बढ़ाने की मांग पर आयोग के रुख तथा हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए उठाये गये कदमों से अवगत कराने के लिए शनिवार को राज्यपाल से भेंट की।

बोस ने एक बयान में कहा, ‘‘जब से पंचायत चुनाव की घोषणा हुई है, तब से एक के बाद विभिन्न राजनीतिक दल चुनाव के दौरान शांति एवं सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए दखल देने का अनुरोध करते हुए राज्यपाल के पास आ रहे हैं। वे राज्य में आगामी चुनाव में बाहुबल के इस्तेमाल की आशंका व्यक्त करते हुए कई सुझाव लेकर आये।’’

बयान में कहा गया है, ‘‘राज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से कराये जायेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि आगामी चुनाव में हिंसा पर काबू पाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जीत और भीड़तंत्र की हार साबित होगा। ’’

बयान के मुताबिक भेंट के दौरान सिन्हा ने कहा, ‘‘ निर्वाचन आयोग बिना किसी हिंसा के चुनाव कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। सभी पक्ष चुनाव प्रचार अभियान के दौरान अनुचित प्रवृतियों का त्याग करने में साथ आयेंगे तथा चुनाव में हिंसा और बाहुबल के प्रयोग के किसी भी प्रयास से बचेंगे।’’

अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया पर हिंसा की घटनाओं के प्रभाव से जुड़े आरोपों पर राज्य निर्वाचन आयोग से ब्योरा मांगा था और आयुक्त से पूछा कि क्या राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के प्रबंधन के लिए केंद्रीय बलों की मांग करने पर विचार किया है।

राज्य के निर्वाचन आयुक्त के राज्यपाल से भेंट करने से पहले दिन में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राजभवन जाकर बोस से मुलाकात की थी और उनसे नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया के बारे में शिकायत की थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने भी इसी मुद्दे पर राज्यपाल को एक पत्र लिखा है।

शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा था कि आठ जुलाई को होने वाले बंगाल पंचायत चुनाव के वास्ते नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाने पर वह गौर कर सकता है।

उससे पहले, तारीख बढ़ाने की मांग संबंधी विपक्षी नेताओं की याचिका पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा था, ‘‘ अदालत का मत है कि अधिसूचना में तय की गयी समय सीमा अपर्याप्त है।’’

सिन्हा ने पीटीआई- भाषा से कहा था, ‘‘हम स्थिति पर पुनर्विचार करने जा रहे हैं और हम तारीख बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।’’

अधिकारियों ने कहा कि जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठकों के बाद आयोग ने तय किया है कि पांच जिलों- उत्तरी एवं दक्षिणी 24 परगना, बीरभूम, जलपाईगुड़ी और पूर्वी मेदिनीपुर पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि वे ‘संवेदनशील’ प्रतीत होते हैं।

भाषा राजकुमार अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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