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Friday, 1 May, 2026
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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू 30 मई से 7 जून तक तीन देशों की यात्रा पर जायेंगे

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नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू 30 मई से 7 जून तक गेबन, सेनेगल और कतर की यात्रा पर जायेंगे। इस यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय समझौतों पर भी हस्ताक्षर किये जाने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय के बृहस्पतिवार को जारी एक बयान के अनुसार, भारत से उपराष्ट्रपति के स्तर पर इन तीन देशों की यह पहली यात्रा होगी । गेबन और सेनेगल के लिये भारत से यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा होगी।

नायडू के साथ एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल भी इन देशों की यात्रा पर जा रहा है जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार के अलावा सांसद सुशील कुमार मोदी, विजय पाल सिंह तोमर और पी रवीन्द्रनाथ शामिल हैं ।

मंत्रालय के अनुसार, ‘‘ उपराष्ट्रपति नायडू की इन तीन देशों की यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय समझौतों पर भी हस्ताक्षर किये जाने की संभावना है। ’’

बयान में कहा गया है कि उपराष्ट्रपति की कतर यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।

उपराष्ट्रपति 30 मई से एक जून तक गेबन की यात्रा पर रहेंगे। वह, गेबन की प्रधानमंत्री रोज क्रिश्चियन ओसोउका रापोंडा के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता करेंगे । नायडू गेबन के राष्ट्रपति अली बोंगो ओंदिम्बा एवं अन्य गणमान्य लोगों से भी भेंट करेंगे । वह गेबन में कारोबारी समुदाय से बातचीत करेंगे और वहां भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे ।

गेबन, भारत का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है । भारत और गेबन अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य हैं ।

बयान के अनुसार, उपराष्ट्रपति 1 से 3 जून तक सेनेगल की यात्रा करेंगे । इस दौरान वह सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी साल के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता करेंगे । उपराष्ट्रपति वहां कारोबारियों एवं भारतीय समुदाय के लोगों से भी चर्चा करेंगे ।

सेनेगल अभी अफ्रीकी यूनियन का अध्यक्ष है।

मंत्रालय के अनुसार, उपराष्ट्रपति 4 से 7 जून तक कतर की यात्रा पर जायेंगे जहां वह कतर के नायब अमीर शेख अब्दुल्ला बिन हमाद अल थानी के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे ।

उपराष्ट्रपति यात्रा के दौरान कतर के कई गणमान्य लोगों से मुलाकात करेंगे और कारोबारियों को भी संबोधित करेंगे ।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, लोगों के बीच सम्पर्क भारत और कतर के ऐतिहासिक संबंधों के केंद्र में हैं। कतर में करीब 7,50,000 भारतीय रहते हैं।

भाषा दीपक दीपक पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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