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Wednesday, 18 March, 2026
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वाराणसी गंगा पर नाव में चिकन बिरयानी से इफ्तार करने के लिए 14 अरेस्ट, हिंदू भावनाएं आहत करने का आरोप

नाव पर मुस्लिम समूह का वीडियो वायरल होने के बाद BJP युवा मोर्चा के सदस्यों ने शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस का कहना है कि उचित कार्रवाई की जाएगी.

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नई दिल्ली: वाराणसी पुलिस ने मंगलवार को 14 मुसलमानों के एक समूह को कथित तौर पर “हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने” के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. इन लोगों ने गंगा नदी में एक नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था, जहां कथित तौर पर उन्होंने मांसाहारी खाना खाया था. ये गिरफ्तारी तब हुईं जब इफ्तार पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

ACP कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस को 16 मार्च को इफ्तार पार्टी से जुड़ी शिकायतें मिली थीं. “शिकायतकर्ता, रजत जयसवाल ने कहा कि लोग पंचगंगा घाट के पास एक नाव पर इफ्तार पार्टी के नाम पर चिकन बिरयानी खा रहे थे.”

“वीडियो में, चिकन बिरयानी से भरा एक कंटेनर इस्तेमाल किया जा रहा था, और बचा हुआ खाना कथित तौर पर नदी में फेंक दिया गया था,” उन्होंने कहा. “मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने तुरंत अपनी टीमों को अलग-अलग जगहों पर तैनात कर दिया. अब तक हमने कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.”

शिकायतकर्ता, जयसवाल, BJP युवा मोर्चा की शहर इकाई के प्रमुख हैं.

पुलिस ने काशी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 298 (किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना), 299 (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करना हो), 196(1)(b) (कोई ऐसा कार्य करना, जो विभिन्न धर्मों के बीच सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक हो), 270 (सार्वजनिक उपद्रव), 279 (सार्वजनिक जल स्रोत या जलाशय के पानी को दूषित करना), 223(b) (आज्ञा का उल्लंघन, जिससे मानव जीवन को खतरा हो या खतरा होने की संभावना हो – मानव जीवन, स्वास्थ्य, सुरक्षा के लिए खतरा), और जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत मामला दर्ज किया है.

‘हिंदू भावनाएं आहत’

जयसवाल ने दिप्रिंट को बताया कि जब इफ्तार पार्टी का आयोजन हुआ था तब वे वहां मौजूद नहीं थे, लेकिन जब यह वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ तो उन्होंने इसे देखा. “मैंने वह वीडियो देखा, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लिखा था कि इफ़्तारी आलमगीर मस्जिद के बाहर हो रही है, जबकि असल में वह ‘बिंदु माधव का धरारा’ था, जो एक मंदिर है. उन्होंने मांसाहारी खाना खाया और बचा हुआ खाना गंगा में फेंक दिया,” उन्होंने कहा.

जिस वीडियो को बड़े पैमाने पर शेयर किया गया, उसमें मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग, जिन्होंने लाइफ़जैकेट पहनी हुई थी, गंगा में नाव चलाते हुए पार्टी करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

अपनी शिकायत में, जयसवाल ने आरोप लगाया, “गंगा सनातन धर्म के मानने वालों के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र है. भारत और विदेशों से लाखों श्रद्धालु हर दिन बड़ी श्रद्धा के साथ मां गंगा का जल पीने आते हैं.”

“मुस्लिम समुदाय के लोगों का गंगा के पवित्र जल में नाव पर बैठकर इफ़्तार के दौरान चिकन बिरयानी खाना, और फिर बचा हुआ खाना नदी में फेंक देना, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है,” उन्होंने आरोप लगाया.

उन्होंने इसे “एक घिनौना काम” बताया, जिसने “सनातन धर्म के मानने वालों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई है और बड़े पैमाने पर लोगों में गुस्सा पैदा किया है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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