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Monday, 15 July, 2024
होमदेश‘45 दिनों में WFI के चुनाव नहीं हुए तो भारत होगा निलंबित’, पहलवानों के सपोर्ट में आगे आया UWW

‘45 दिनों में WFI के चुनाव नहीं हुए तो भारत होगा निलंबित’, पहलवानों के सपोर्ट में आगे आया UWW

यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने बयान में कहा, "युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग कई महीनों से भारत के इस हालात को लेकर चिंतित हैं और नजर रख रहा है.

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नई दिल्ली: युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने चल रहे पहलवानों के विरोध पर कड़ा बयान जारी कर पहलवानों के हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की. मंगलवार को यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अपने बयान चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 45 दिनों के भीतर भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव नहीं होते हैं तो भारत को निलंबित कर दिया जाएगा.

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने अब तक की जांच के परिणामों की कमी पर अपनी निराशा व्यक्त की और अधिकारियों से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोपों की गहन और निष्पक्ष जांच करने का आग्रह किया.

 

यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने बयान में कहा, “युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग कई महीनों से भारत के इस हालात को लेकर चिंतित हैं और नजर रख रहा है. जहां पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ उत्पीड़न और शोषण के आरोपों को देकर प्रदर्शन कर रहे हैं .’’ हमने देखा है कि डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को शुरूआत मे ही अलग कर दिया गया और वह अब कुश्ती का कामकाज नहीं देख रहे हैं .’’

आगे कहा,‘‘ पिछले कुछ दिनों की घटनाएं और भी चिंताजनक हैं क्योंकि पहलवालों को पुलिस ने प्रदर्शन के कारण अस्थायी तौर पर हिरासत में लिया . उनके प्रदर्शन स्थल को भी खाली करा लिया गया . हम पहलवानों को हिरासत में लिये जाने की निंदा करते हैं . इसके अलावा अभी तक जांच के नतीजे नहीं आने पर भी निराशा व्यक्त करते हैं . हम संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष और संपूर्ण जांच कराने का अनुरोध करते हैं .’’

इसमें कहा गया , ‘‘हम पहलवानों से उनकी स्थिति और सुरक्षा को लेकर बात करेंगे और उनकी शिकायतों के निष्पक्ष और न्यायसंगत समाधान के पक्षधर हैं .’’

यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने कहा ,‘‘अंत में हम आईओए और तदर्थ समिति से अगली आमसभा की बैठक के बारे में जानकारी चाहते हैं. चुनाव के लिये दी गई 45 दिन की समय सीमा का सम्मान किया जाये. इसके भीतर चुनाव नहीं होने पर डब्ल्यूएफआई को निलंबित किया जा सकता है जिससे खिलाड़ी तटस्थ ध्वज तले खेलेंगे .’’

क्या था मामला

गौरतलब है कि, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पहलवानों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के साथ-साथ आयोजकों और उनके समर्थकों के खिलाफ दंगा करने तथा सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने के आरोप में रविवार को एफआईआर दर्ज की थी.

इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने उन्हें रविवार को सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नये संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश करने के बाद कानून-व्यवस्था के उल्लंघन को लेकर हिरासत में लिया था.

वहीं मंगलवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली साक्षी मलिक, विनेश फोगट और बजरंग पूनिया सहित देश के शीर्ष पहलवान अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ हरिद्वार में हर की पौड़ी घाट पर गंगा में अपने पदक बहाने पहुंचे थे.

सभी पहलवानों ने पत्र को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए कहा था कि “हम अपने मेडल आज शाम 6 बजे हरिद्वार में गंगा नदी में बहा देंगे. गंगा हमारी मां हैं, जितना पवित्र हम गंगा को मानते हैं, उतनी ही पवित्रता से हमने मेहनत करके ये सारे मेडल जीते थे.”

दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और जंतर-मंतर में धरना स्थल से हटा दिये जाने के बाद देश के शीर्ष पहलवानों ने कहा था कि वे कड़ी मेहनत से जीते अपने पदक गंगा नदी में बहा देंगे और इंडिया गेट पर ‘आमरण अनशन’ पर बैठेंगे.

हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा कि वे इंडिया गेट पर उन्हें प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देंगे क्योंकि यह राष्ट्रीय स्मारक है, प्रदर्शन करने की जगह नहीं.


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