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Wednesday, 29 April, 2026
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उत्तराखंड का व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर कोटा बढ़ा, रोज 6,310 व्यवसायिक सिलेंडर बंटेंगे

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देहरादून, तीन अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर कोटा में 26 फीसदी की वृद्धि की गई है, जिसके बाद अब कुल उपलब्ध 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर हर दिन 6,310 सिलेंडर का वितरण किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि इस संबंध में नयी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि नयी एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

स्वरूप ने बताया कि राज्य में मौजूद तेल एवं गैस विपणन कंपनियां उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।

उन्होंने बताया कि नयी एसओपी में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों की दैनिक जरूरत को निर्धारित किया गया है, जिसमें होटल एवं रिजॉर्ट जैसे पर्यटन आधारित प्रतिष्ठानों के लिए 1,500 सिलेंडर (24 प्रतिशत) तथा रेस्तरां एवं ढाबों के लिए 2,000 सिलेंडर (32 प्रतिशत) दिए जाएंगे, ताकि पर्यटन के मौसम के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

स्वरूप के मुताबिक, सरकारी और सरकार के नियंत्रण वाले अतिथि गृहों के लिए 300 सिलेंडर (पांच प्रतिशत), डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावासों तथा होम-स्टे एवं स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठानों के लिए 200-200 सिलेंडर (तीन-तीन प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि विवाह समारोहों के लिए 660 सिलेंडर (10 प्रतिशत) और फार्मास्यूटिकल, अस्पताल, ऑटोमोबाइल, कपड़ा, रसायन एवं प्राथमिकता वाले अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 1,250 सिलेंडर (20 प्रतिशत) का प्रावधान किया गया है।

स्वरूप के अनुसार, इस तरह कुल 6,310 व्यवसायिक सिलेंडर का दैनिक वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विवाह समारोह के लिए अधिकतम दो व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर का विशेष प्रावधान किया गया है।

स्वरूप ने कहा कि इसके लिए आवेदक को संबंधित जिलाधिकारी या नामित अधिकारी के समक्ष अर्जी देनी होगी, जिसके बाद दस्तावेजों का परीक्षण कर उसे मंजूरी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि मंजूरी के बाद संबंधित गैस वितरक की ओर से अस्थायी कनेक्शन जारी कर आवेदक को आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

भाषा

दीप्ति पारुल

पारुल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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