नैनीताल, 16 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में फरवरी 2024 में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को जमानत दे दी है, जो दो साल से अधिक समय से जेल में बंद था।
यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक वर्मा और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने पारित किया।
न्यायालय ने मलिक को बचाव पक्ष के इस तर्क पर विचार करने के बाद राहत दी कि वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। मलिक पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) सहित कई गंभीर आरोप लगे हैं।
हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत दिया जाना बरी किए जाने के समान नहीं है और मुकदमा साक्ष्यों तथा गवाहों की गवाही के आधार पर आगे बढ़ेगा।
बनभूलपुरा में आठ फरवरी 2024 को अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं भी हुई थीं। इस हिंसा में कई लोग घायल हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद कई प्राथमिकी दर्ज की गईं।
मलिक पर बनभूलपुरा में दंगा भड़काने की साजिश रचने का आरोप है।
जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
भाषा सं दीप्ति खारी
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