गैरसैंण, 10 मार्च (भाषा) उत्तराखंड में कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से देवभूमि परिवार विधेयक मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया।
विधेयक उत्तराखंड के संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने पेश किया।
‘देवभूमि परिवार विधेयक-2026’ का मकसद विभिन्न विभागों के लाभार्थी डेटा को एक जगह लाकर योजनाओं के कार्यान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित बनाना है।
विधेयक में प्रदेश में “देवभूमि परिवार” नामक एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस बनाने का प्रावधान है और इसकी आईडी में मुखिया के तौर पर परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज होगा।
फिलहाल राज्य के विभिन्न विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं जिसके कारण कई बार लाभार्थी आंकड़ों का दोहराव, पुनः सत्यापन की जटिल प्रक्रियाएं और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है, बल्कि योजनाओं की समीक्षा व प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधाएं आती हैं ।
इस विधेयक के माध्यम से राज्य में एक एकीकृत परिवार-स्तरीय डेटा भंडार स्थापित किया जाएगा जो विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लिए लाभार्थी संबंधी सूचनाओं के एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में कार्य करेगा।
इससे योजनाओं का बेहतर लक्ष्योन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
इसके साथ ही, इस डेटा प्रणाली के प्रभावी प्रबंधन, संरक्षण और संरचनात्मक सुधारों के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र के गठन का भी प्रस्ताव है जिसके तहत विभागों के बीच सुरक्षित और विनियमित डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था की जाएगी।
यह पूरी व्यवस्था डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 (डीपीडीपी एक्ट) के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएगी, ताकि लोगों के डेटा का उपयोग सहमति, पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ सुनिश्चित किया जा सके।
इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “देवभूमि परिवार विधेयक- 2026 सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और उत्तराखंड के निवासियों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
भाषा दीप्ति
जोहेब
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