नैनीताल, 18 मार्च (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ग्रीष्मकालीन धान की खेती से संबंधित एक प्रशासनिक आदेश पर रोक लगाकर ऊधमसिंह नगर जिले के किसानों को बड़ी राहत दी है।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने जिले की गदरपुर तहसील के किसानों द्वारा इस संबंध में दायर एक याचिका पर सुनवाई की।
याचिका में ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन के चार फरवरी, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गयी है जिसमें जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अनाधिकृत ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरियों (बीज बोकर तैयार की गयी पौध) को नष्ट करने और केवल जलभराव वाले क्षेत्रों में ही धान की खेती की अनुमति देने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय को सूचित किया उनकी कृषि भूमि विभिन्न क्षेत्रों में स्थित है जिनमें से कई जलभराव वाली भूमि की श्रेणी में नहीं आती हैं। उन्होंने दलील दी कि इस प्रकार के आदेश के लिए कोई कानूनी प्रावधान नहीं है और यह किसानों के अधिकारों का उल्लंघन करता है।
मामले की सुनवाई करने के बाद अदालत ने कहा कि सुनवाई की अगली तारीख तक किसानों को ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरियां तैयार करने तथा खेती जारी रखने की अनुमति दी जाएगी।
मामले की अगली सुनवाई की तारीख 23 मार्च तय की गयी है।
भाषा सं दीप्ति सुरभि
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