कानपुर, 25 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस सप्ताह की शुरुआत में अंतिम वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद बुधवार को प्राणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (पीएसआईटी) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटना सामने आई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
हालात को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और संस्थान को आठ मार्च तक बंद कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, रतनलाल नगर निवासी बीसीए के 22 वर्षीय छात्र प्रखर सिंह की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर सुबह करीब 10 बजे हजारों छात्र परिसर में एकत्र हुए। प्रखर सिंह सोमवार को कथित रूप से निर्माण कार्य में लगी एक जेसीबी मशीन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
बुधवार को प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ने पर भीड़ के एक हिस्से ने कथित तौर पर कॉलेज परिसर के भीतर दरवाजों, खिड़कियों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया। छात्रों का आरोप है कि परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ, जबकि कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि घटना संस्थान के बाहर हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कई थानों की पुलिस के साथ प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) को तैनात किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की। एहतियातन दमकल वाहन और एंबुलेंस भी तैनात किए गए।
भीड़ को हटाने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। हालांकि, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) ने लाठीचार्ज की खबरों से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, छात्र प्रतिनिधियों और कॉलेज प्रशासन के बीच वार्ता हुई, जिसमें कुछ मांगों पर सहमति बनी है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर परिसर में पीएसी के जवान तैनात हैं।
भाषा
सं, जफर रवि कांत
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