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Sunday, 29 March, 2026
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उप्र : संभल को धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी, 308 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर

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संभल, 28 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार संभल को मथुरा, वृंदावन, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या की तर्ज पर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।

इस योजना के तहत 68 चिन्हित तीर्थस्थलों और 19 प्राचीन कुओं के नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है। यह क्षेत्र हिंदू परंपरा में भगवान कल्कि के संभावित अवतार से जुड़ा माना जाता है।

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के अनुसार, देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए धार्मिक गलियारे जैसा व्यापक तंत्र तैयार किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने 52 किलोमीटर लंबे ‘24-कोसी परिक्रमा’ मार्ग के निर्माण और विकास के लिए 308 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उन्होंने बताया कि इस मार्ग में 10 मीटर चौड़ी सड़क होगी, जिसमें सात मीटर ब्लैकटॉप और तीन मीटर चौड़ा ऊंचा फुटपाथ शामिल होगा, ताकि श्रद्धालु आसानी से पैदल परिक्रमा कर सकें।

इस परियोजना के तहत यमगढ़ तीर्थ, चतुर्मुख ब्रह्म कूप, पिशाच मोचन तीर्थ और पाप मोचन तीर्थ जैसे प्रमुख स्थलों का विकास किया जा रहा है। इसके अलावा चामुंडा माता मंदिर, शंख मोचन तीर्थ, भद्रिका आश्रम, ऋषिकेश तीर्थ, रसोदक कूप, अमृत कूप और पंचाग्नि कूप सहित अन्य स्थानों को भी विकसित किया जा रहा है।

सूर्य कुंड मंदिर के साथ-साथ संभलेश्वर, भुवनेश्वर और चंद्रेश्वर मंदिरों में भी पर्यटन से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक तीर्थयात्रियों को आकर्षित करना और कल्कि धाम यात्रा को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और क्षेत्र आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, इस व्यापक योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय लोगों की आजीविका को भी सहारा मिलेगा, जिससे संभल को देश के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान मिलने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि सात अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल को हिंदू परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बताते हुए इसे भगवान कल्कि के संभावित जन्मस्थान से जुड़ा आस्था का प्रतीक कहा था।

वहीं, नवंबर 2024 से शाही जामा मस्जिद के अदालत-निर्देशित सर्वेक्षण को लेकर उपजे तनाव और झड़पों के कारण यह शहर चर्चा में रहा है।

भाषा

सं, जफर रवि कांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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