एटा, 20 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक व्यक्ति ने अपने घर पर माता-पिता, पत्नी और बेटी की हत्या करने की बात कबूल कर ली है। जांचकर्ताओं ने इस अपराध की वजह अगले महीने होने वाली बेटी की शादी से पहले आर्थिक तनाव और घरेलू कलह को बताया है।
आरोपी कमल सिंह को सोमवार को कोतवाली नगर पुलिस थाने इलाके में उनके दो मंजिला घर में परिवार के चार सदस्यों की हत्या के बाद हिरासत में लिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उसे जेल भेज दिया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मृतकों की पहचान गंगा सिंह (70), उनकी पत्नी श्यामा देवी (65), पोती ज्योति (23) और पुत्रवधू रत्ना देवी (43) के रूप में हुई है।
श्यामा देवी शुरुआत में जीवित हालत में मिली थीं और उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) प्रभाकर चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि यह अपराध किसी साजिश या बाहरी हमले का नतीजा नहीं था, बल्कि बढ़ते आर्थिक दबाव और पारिवारिक तनाव के कारण हुआ।
उन्होंने कहा, ‘पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कबूल किया कि वह अपनी बेटी ज्योति की शादी को लेकर गंभीर आर्थिक तनाव में था, जो अगले महीने तय थी। परिवार को लगभग चार लाख रुपये की जरूरत थी, और यह झगड़े का एक लगातार कारण बन गया था।’
पुलिस के अनुसार, कमल सिंह 19 जनवरी को घर लौटा और दोपहर के खाने के दौरान उसकी पत्नी रत्ना देवी ने शादी के खर्च के बारे में सवाल किया, जिसके बाद झगड़ा शुरू हो गया। गुस्से में आकर उसने कथित तौर पर उसका गला घोंट दिया और फिर सीमेंट की ईंट से उस पर हमला किया।
पुलिस ने बताया कि जब बेटी ज्योति बीच-बचाव करने आई, तो उस पर भी हमला किया गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
शोर सुनकर कमल सिंह की मां श्यामा देवी जाग गईं, जिन पर कथित तौर पर ईंट से चेहरे पर हमला किया गया।
पुलिस ने बताया कि बाद में उसके पिता गंगा सिंह पर नीचे चारपाई पर लेटे होने के दौरान हमला किया गया।
घटना के बाद, कमल सिंह ने कथित तौर पर अपने हाथ-पैर धोए, अपने जूतों से खून के धब्बे साफ करने की कोशिश की और मोटरसाइकिल से घर से निकल गया। बाद में उसके कपड़ों और जूतों पर खून के धब्बे मिले, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, फॉरेंसिक सबूत और आरोपी के बयान से पता चलता है कि उसने अकेले ही यह अपराध किया।
श्यामा देवी शुरू में ज़िंदा मिलीं और उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां बाद में गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। बाकी पीड़ितों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
हत्याओं में इस्तेमाल की गई एक ईंट बरामद की गई है। कमल सिंह की मेडिकल जांच की गयी, जिसमें उसके हाथ की हथेली पर चोट के निशान मिले।
पुलिस ने बताया कि किसी भी मानसिक बीमारी का पता लगाने के लिए उसकी भी जांच की जा रही है।
कोतवाली नगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत शुरू में खुद कमल सिंह ने अज्ञात लोगों के नाम पर दर्ज कराई थी।
अधिकारियों ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया।
भाषा
सं, आनन्द, जफर मनीषा जोहेब रवि कांत
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