शाहजहांपुर (उप्र), 29 अगस्त (भाषा) शाहजहांपुर जिले के रोजा थाना पुलिस ने कर्ज में डूबे एक दंपति की आत्महत्या के मामले में शुक्रवार को चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, दंपति ने आत्महत्या करने से पहले अपने चार महीने के बेटे को भी जहर दे दिया था। रोजा थाना क्षेत्र में सचिन ग्रोवर (30), उनकी पत्नी शिवानी (28) और उनके चार साल के बेटे फतेह के शव बुधवार सुबह उनके घर में मिले थे।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश द्विवेदी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस ने तीन सूदखोरों को नामजद करते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
एसपी ने कहा, ‘‘बिना लाइसेंस के ब्याज पर धन राशि देना और मनमाने ढंग से ब्याज वसूलना गंभीर अपराध है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और यदि इस मामले में सूदखोरों का संगठित गिरोह सामने आता है, तो आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सचिन ग्रोवर की सास ने थाना रोजा में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उनके दामाद सचिन और बेटी शिवानी ने सैन्की आनंद, विकी बग्गा और देवांश खन्ना से व्यापार के लिए ब्याज पर रुपये लिये थे लेकिन ये लोग मनमाना ब्याज वसूल रहे थे और ब्याज न चुकाने पर घर आकर धमकी देते थे तथा उन्हें प्रताड़ित करते थे।
द्विवेदी ने बताया कि इससे परेशान होकर सचिन ने अपने भाई मोहित और परिवार के अन्य सदस्यों से मदद मांगी, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। इसके बाद सचिन और उनकी पत्नी ने एक सुसाइड नोट लिखा, अपने चार साल के बेटे को कोल्ड ड्रिंक में जहरीला पदार्थ पिलाया और फिर अलग-अलग कमरों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले के पूर्ण खुलासे के लिए पांच टीम गठित की गई हैं। नामजद आरोपी सैन्की आनंद समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस पूरे मामले पर स्वयं नजर रखे हुए हूं और जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा।’’
भाषा सं आनन्द मनीषा खारी
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