नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सेंगर के भाई की उस याचिका पर सोमवार को सीबीआई से जवाब तलब किया, जिसमें उसने उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में अंतरिम जमानत तीन महीने और बढ़ाने का अनुरोध किया है।
जयदीप सेंगर के वकील ने कहा कि अंतरिम जमानत की अवधि 11 फरवरी को समाप्त हो रही है और याचिकाकर्ता मुंह के कैंसर से पीड़ित होने के कारण जमानत बढ़ाने का अनुरोध करता है। जयदीप सेंगर को एक निचली अदालत ने मामले में 10 साल की सजा सुनाई थी।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने याचिका पर नोटिस जारी किया और इसे 11 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
जयदीप सेंगर ने अपनी याचिका में कहा कि वह मुंह के कैंसर (चतुर्थ चरण) से पीड़ित है, जो जीवन के लिए खतरे वाली स्थिति है और उसके शरीर में बीमारी के फिर से उभरने के लक्षण विकसित हो गए हैं।
याचिका में कहा गया है कि इस स्थिति के लिए लगातार और विशेष चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि 50-वर्षीय जयदीप सेंगर लगभग चार साल से हिरासत में है।
उच्च न्यायालय ने जयदीप सेंगर को तीन जुलाई, 2024 को अंतरिम जमानत दी थी, जिसे समय-समय पर बढ़ाया गया।
कुलदीप सेंगर को नाबालिग पीड़िता के बलात्कार का दोषी ठहराया गया और 20 दिसंबर, 2019 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
लड़की को 2017 में कुलदीप सेंगर ने कथित तौर पर अपहृत करके उसके साथ बलात्कार किया था। उस वक्त वह नाबालिग थी।
तेरह मार्च, 2020 को, कुलदीप सेंगर और उसके भाई जयदीप सेंगर उर्फ अतुल सिंह को निचली अदालत ने बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई थी और 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
लड़की के पिता को आरोपी के इशारे पर हथियार अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और नौ अप्रैल, 2018 को पुलिस की कथित बेरहमी के कारण हिरासत में उनकी मौत हो गई थी।
भाषा अमित सुरेश
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