रांची, एक फरवरी (भाषा) अपने मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के लिए जानी जाने वाली झारखंड की राजधानी रांची को इसका पहला निमहांस मिलने जा रहा है, जो उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को रांची में दूसरे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस 2.0) की स्थापना की घोषणा की। पहला निमहांस बेंगलुरु में स्थित है।
शहर के दो प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान – केंद्र सरकार द्वारा संचालित रांची तांत्रिका-मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (रिनपास)- 100 से अधिक वर्षों से मनोरोग देखभाल, अनुसंधान और पुनर्वास के प्रमुख केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं।
सीआईपी अधिकारियों ने इस घोषणा पर खुशी व्यक्त की और कहा कि वे संस्थान को निमहांस की तर्ज पर उन्नत करने की मांग कर रहे थे।
इस संस्थान की स्थापना अंग्रेज़ों ने 17 मई 1918 को रांची यूरोपियन लुनेटिक असाइलम के नाम से की थी।
सीआईपी रांची के निदेशक विजय कुमार चौधरी ने कहा कि उन्होंने संस्थान के उन्नयन के लिए केंद्र सरकार को पहले ही एक प्रस्ताव भेज दिया है।
चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने संस्थान परिसर में 500 बिस्तरों वाले एक नए अस्पताल का प्रस्ताव रखा है, जिसमें न्यूरो-सर्जरी, न्यूरोलॉजी विभाग और बाल रोग विभाग जैसी सुविधाएं होंगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि आगामी वित्त वर्ष में बजट स्वीकृत हो जाएगा। यह सबसे बड़े उन्नयनों में से एक होगा और इससे झारखंड और आसपास के राज्यों के लोगों को लाभ होगा।’
चौधरी ने कहा, ‘‘सीआईपी 220 एकड़ में फैला हुआ है। हमें उम्मीद है कि हम आने वाले वित्त वर्ष में परियोजना शुरू कर देंगे।’’
संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘‘उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए कोई राष्ट्रीय संस्थान नहीं हैं। इसलिए, हम निमहांस 2.0 की स्थापना करेंगे और रांची तथा तेजपुर में स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में उन्नत करेंगे।’’
भाषा नोमान नेत्रपाल
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