scorecardresearch
Tuesday, 3 March, 2026
होमदेशसदन में यूडीएफ का आचरण 'निंदनीय' और 'दुर्भाग्यपूर्ण' : पिनराई विजयन

सदन में यूडीएफ का आचरण ‘निंदनीय’ और ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ : पिनराई विजयन

Text Size:

तिरुवनंतपुरम, तीन फरवरी (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को विधानसभा में शबरिमला सोना गायब मामले को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को ‘निंदनीय’ और ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया।

विजयन ने बताया कि केरल उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ, भगवान अयप्पा मंदिर से सोने के कथित गबन से संबंधित मामलों में हो रही एसआईटी (विशेष जांच दल) जांच की निगरानी कर रही है। उसने इस जांच की तारीफ की है।

उन्होंने कहा कि जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान एसआईटी जांच की आलोचना एकल न्यायाधीश की पीठ ने की थी इसलिए इसे जांच के प्रति असहमति के रूप में नहीं देखा जा सकता।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि यह ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है कि विपक्षी विधायक विरोध करते हुए अध्यक्ष के आसन पर चढ़ गए। इसके अलावा सदन के सुरक्षाकर्मियों पर हमला भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सदन में जो हुआ वह पहले कभी नहीं हुआ था। यह विधानसभा में जानबूझकर हंगामा करने की कोशिश थी क्योंकि बाहर उनके प्रदर्शनों पर न तो जनता ने ध्यान दिया और न ही मीडिया ने।’

विजयन ने कहा कि विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने यूडीएफ विधायकों की हिंसक गतिविधियों को जायज ठहराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा’ इस तरह का आचरण पूरी तरह से निंदनीय है।’

यूडीएफ ने शबरिमला सोना गबन मामले की एसआईटी जांच में मुख्यमंत्री कार्यालय के कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

विपक्ष का दावा है कि सरकार गिरफ्तार आरोपियों को बचा रही है। आरोप है कि एसआईटी पर आरोप पत्र दाखिल करने में देरी करने का दबाव डाला जा रहा है ताकि ऐसी परिस्थितियां बन सकें जिससे आरोपियों को आसानी से ‘वैधानिक जमानत’ मिल जाए।

यदि जांच एजेंसी गिरफ्तारी के बाद निर्धारित समय सीमा (जो शबरिमला मामले में 90 दिन है) के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं कर पाती है तो आरोपियों को वैधानिक जमानत मिल जाती है।

यह मामले द्वारपाल (संरक्षक देवता) की मूर्तियों तथा श्रीकोविल (गर्भगृह) के कपाटों पर लगी सोने की परत के कथित नुकसान से जुड़े हैं। एसआईटी ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में से तीन को वैधानिक जमानत मिल चुकी है। मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को दो में से एक मामले में वैधानिक जमानत मिली है और दूसरे मामले में भी राहत मिलने पर उसके जल्द रिहा होने की संभावना है।

भाषा

प्रचेता नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments