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Tuesday, 3 November, 2026
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त्रिपुरा: BSF जवानों पर लोहे की छड़ और बांस की लाठियों से हमला, आठ लोग गिरफ्तार

त्रिपुरा पुलिस ने बीएसएफ की शिकायत पर कम से कम 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोप है कि आरोपियों ने बीएसएफ कांस्टेबल की सर्विस राइफल भी छीन ली और जान से मारने की नीयत से उनके सिर पर हमला किया.

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नई दिल्ली: त्रिपुरा पुलिस ने सीमा के पास एक गांव से आठ लोगों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हुए “बिना उकसावे” के हमले के मामले में गिरफ्तार किया है. बीएसएफ ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि यह हमला सीमा पार नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल लोगों को पकड़ने की कोशिश के बदले में किया गया था.

यह घटना सोमवार को हुई, जब बीएसएफ के जवानों की एक टुकड़ी सिपाहीजाला जिले के बोक्सानगर गांव से गुजर रही थी. यह जगह बांग्लादेश सीमा से करीब 200 मीटर दूर है.

बीएसएफ की शिकायत के आधार पर उसी दिन कलमचौरा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद गिरफ्तारियां हुईं.

पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, इसकी पुष्टि करते हुए पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) मनचक इप्पर ने दिप्रिंट से कहा, “हमने बीएसएफ के जवानों की शिकायत के आधार पर 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.”

त्रिपुरा पुलिस के सूत्रों ने बताया कि बोक्सानगर के कई ग्रामीण सीमा पार गांजा (भांग के पौधों के मादा फूल) की तस्करी में शामिल पाए गए हैं.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट से कहा, “बीएसएफ लंबे समय से उनके (तस्करों) लिए परेशानी बनी हुई है, क्योंकि बीएसएफ सीमा पर तैनात है और सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में काम करती है.”

उन्होंने आगे कहा, “वे (तस्कर) बीएसएफ से नाराज थे. जब बल के कुछ जवान गांव से गुजर रहे थे, तो उन्हें बिना किसी उकसावे के निशाना बनाया गया.”

‘बीएसएफ कांस्टेबल का निजी हथियार छीन लिया’

दिप्रिंट ने एफआईआर की एक कॉपी देखी है. इसमें बीएसएफ ने कहा है कि सोमवार सुबह अशबाड़ी सीमा चौकी पर सीसीटीवी ड्यूटी पर तैनात एक कांस्टेबल ने सीमा के दोनों ओर करीब आठ तस्करों की आवाजाही देखी. इसकी जानकारी जमीन पर तैनात जवानों को दी गई.

हालांकि, तब तक तस्कर बाड़ के दूसरी ओर बांग्लादेश की तरफ दो बैग फेंक चुके थे. एफआईआर के अनुसार, जब जमीन पर तैनात जवानों ने यह देखा और उन्हें पकड़ने की कोशिश की, तो तस्करों ने उन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. इसमें आगे कहा गया है कि अतिरिक्त जवानों को बुलाया गया और हाथापाई शुरू हो गई, जिसके बाद तस्कर मौके से भाग गए.

बीएसएफ की शिकायत में आगे कहा गया है कि इसके बाद तस्करों ने बीएसएफ की कार्रवाई का बदला लेने की साजिश रची. शिकायत के अनुसार, इस कथित साजिश के तहत नागरिकों से अशाबाड़ी-बोक्सानगर रोड (न्यू मार्केट इलाके) पर इकट्ठा होने के लिए कहा गया. स्थिति की जानकारी मिलने के बाद बीएसएफ के कंपनी कमांडर दो और जवानों के साथ मौके पर पहुंचे. शिकायत के अनुसार, वे गाड़ी से उतर भी नहीं पाए थे कि उन पर हमला कर दिया गया.

एफआईआर में घटनाक्रम दर्ज करते हुए कहा गया है, “गाड़ी से उतरते समय वहां अचानक इकट्ठा हुए अपराधियों ने तीनों पर अलग-अलग दिशाओं से लोहे की छड़ों, बांस की लाठियों, पत्थरों और लोहे के दाह से हमला करना और मारपीट करना शुरू कर दिया. कांस्टेबल मनजीत पर लोहे की छड़ों और बांस की लाठियों से हमला किया गया.”

एफआईआर में रबीउल हुसैन को मुख्य आरोपी बताया गया है. इसमें कहा गया है कि उसने और अन्य नामजद आरोपियों ने बीएसएफ कांस्टेबल मनजीत का निजी हथियार छीन लिया और जान से मारने की नीयत से उसके सिर पर हमला किया.

एफआईआर में आगे कहा गया है, “हथियार छीनने के बाद एफआईआर में नामजद आरोपी चिल्लाया [मैं तुम्हें मार डालूंगा, तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ूंगा]. आसपास मौजूद दूसरे लोग ‘मारो..मारो..मारो…’ चिल्ला रहे थे. (मनजीत) के सिर से गंभीर चोट के कारण खून बह रहा था. उसके पेट और दोनों हाथों में चोटें आईं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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