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Friday, 24 April, 2026
होमदेशतृणमूल ने बंगाल की पहचान मिटायी, बंगालियों को अपना घर छोड़ने को मजबूर किया: प्रधानमंत्री मोदी

तृणमूल ने बंगाल की पहचान मिटायी, बंगालियों को अपना घर छोड़ने को मजबूर किया: प्रधानमंत्री मोदी

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(फोटो के साथ रिपीट)

कोलकाता, 24 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने पिछले 15 वर्षों से पश्चिम बंगाल को लूटा…, राज्य की पहचान को नष्ट किया और घुसपैठ की अनुमति दी जिसके कारण कई बंगाली अवसरों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

यादवपुर के बारुईपुर इलाके में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने दावा किया कि एक दिन पहले हुए प्रथम चरण के मतदान से संकेत मिलता है कि तृणमूल कांग्रेस शायद “अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी”।

उन्होंने कहा, “देश को आजादी मिलने के बाद से भारत ने बंगाल की जनता द्वारा इस बार किए गए प्रदर्शन जैसा कुछ भी नहीं देखा है। हर जगह इस बात की चर्चा हो रही है कि बंगाल में भाजपा को कितना जबरदस्त समर्थन मिला है।”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को 3.60 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 92 प्रतिशत ने मतदान किया।

प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “पहले चरण के मतदान से यह स्पष्ट हो गया है कि तृणमूल अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। अब आपको टीएमसी की निर्णायक पराजय और भाजपा की स्पष्ट जीत सुनिश्चित करनी होगी।”

उन्होंने दावा किया कि “छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक”, और “टैक्सी चालकों से लेकर रिक्शा चालकों तक”, लोग निडर होकर भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े थे।

पहली बार मतदान करने वालों और युवा मतदाताओं से अपील करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने पहले ही चुनावों की दिशा तय कर दी है और लोगों से आग्रह किया कि वे दूसरे और अंतिम चरण में और भी अधिक मतदान सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा, “पहली बार मतदान करने वालों ने माहौल बना दिया है। अब आपकी बारी है कि आप और भी अधिक मतदान करके उनके रिकॉर्ड को तोड़ें।”

उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर घुसपैठ की अनुमति देकर बंगाल के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।

मोदी ने आरोप लगाया, “तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल की पहचान को नष्ट कर दिया है। यहां घुसपैठियों को बसाया जा रहा है। वे जमीनों पर अतिक्रमण कर रहे हैं और लोगों की आजीविका छीन रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने यादवपुर विश्वविद्यालय में अशांति का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रमुख संस्थान, जो कभी अपनी शैक्षणिक विरासत के लिए सम्मानित था, वर्तमान शासन के तहत अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है।

मोदी ने कहा, “यादवपुर विश्वविद्यालय को कभी बड़े सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। इसकी नींव मजबूत शैक्षणिक मूल्यों पर रखी गई थी। लेकिन आज लोगों को धमकियां दी जा रही हैं और छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हम अराजकता नहीं चाहते; हम एक स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण चाहते हैं। हम यहां संवाद चाहते हैं, धमकियां नहीं।”

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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