नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) दिल्ली के सदर बाजार में स्थित कुतुब रोड चौक पर शनिवार को सैकड़ों व्यापारी एकत्रित हुए और अमेरिका की ओर से भारतीय उद्योगों पर शुल्क लगाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया।
व्यापारियों ने कहा कि इस कदम से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नुकसान होगा।
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन (एफईएसटीए) के तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था और इसका नेतृत्व एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा और अध्यक्ष राकेश यादव ने किया।
व्यापारियों ने “टैरिफ नीति वापस लो” और “आर्थिक तानाशाही बंद करो” जैसे संदेशों वाली तख्तियां ले रखी थीं।
पम्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “शुल्क नीति भारतीय उद्योगों को प्रभावित करेगी, जो पहले से ही लंबित निर्यात ऑर्डरों के कारण घाटे का सामना कर रहे हैं। अमेरिकी खरीदारों के लिए करोड़ों रुपये का सामान बनाया गया है, जिनमें से कई ने अग्रिम भुगतान भी कर दिया है, लेकिन शुल्क के कारण खेप अटकी हुई है।’
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतिबंधों से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता कम होगी और दोनों देशों के बीच व्यापार धीमा होगा।
उन्होंने अमेरिकी प्रशासन से शुल्क नीति पर पुनर्विचार करने और सहयोग एवं बातचीत के माध्यम से भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में काम करने का भी आग्रह किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जीएसटी प्रावधानों को आसान बनाने और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर स्थानीय व्यवसायों को राहत देने की अपील की।
भाषा जोहेब माधव
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