नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक के अंबड इलाके में प्रयोगशाला में भूजल की जांच के दौरान पानी में जहरीले पदार्थ के होने का पता चला है और कैंसर से जुड़े रसायन ‘हेक्सावैलेंट क्रोमियम’ का स्तर सुरक्षित सीमा से 1,000 गुना से भी ज्यादा पाया गया है। साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपुल (एसएएनडीआरपी) ने यह जानकारी दी।
संगठन ने कहा कि दूषित पानी के कारण स्थानीय निवासियों को त्वचा संबंधी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं और यह पानी स्थानीय नालों के जरिए गोदावरी नदी में भी पहुंच रहा है।
यह संगठन नदियों और बांधों जैसी बड़े स्तर की जल परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करता है।
एसएएनडीआरपी की ओर से आठ अक्टूबर को जारी एक बयान में कहा गया कि नदी के प्रभावित हिस्से में वे घाट भी शामिल हैं, जहां जल्द ही कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा।
संगठन के अनुसार इससे शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।
बयान में कहा गया है, ‘जांच में कुल क्रोमियम की मात्रा 50.5 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई, जिसमें हेक्सावैलेंट क्रोमियम का स्तर 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर था। यह भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की ओर से पीने के पानी के लिए तय 0.05 मिलीग्राम प्रति लीटर की स्वीकार्य सीमा से 1,000 गुना से भी ज्यादा है।’
भाषा जोहेब शोभना
शोभना
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.