कोलकाता, पांच जून (भाषा) अभिनेता से नेता बने तृणमूल कांग्रेस के सांसद दीपक अधिकारी ने गायक केके के कार्यक्रम के दौरान भीड़ का सही तरीके से प्रबंधन नहीं करने के विपक्ष के आरोपों के बीच रविवार को पुलिस और प्रशासन का बचाव किया और कहा कि इस तरह की घटनाएं राजनैतिक रैलियों में भी होती हैं।
यहां नजरुल मंच पर 31 मई को अपने कार्यक्रम के कुछ देर बाद गायक को दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद ने कहा कि लोग इस कलाकार से इतना प्रेम करते थे कि वे भारी संख्या में उनके कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
अधिकारी को मंच पर देव के नाम से जाना जाता है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, “अगर पुलिस को हर बार आगंतुकों की संख्या की गिनती करनी पड़ेगी तो उन्हें सभी रैलियों को रोकना होगा, यह केवल संगीत के आयोजनों की बात नहीं है।”
उन्होंने कहा कि जब महामारी अपने चरम पर थी तब भी राजनीतिक रैलियों में लोगों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं था। देव ने कहा, “चाहे हमारी रैली हो या दूसरों की, हमने लाखों लोगों को शामिल होते देखा है। अगर वह सही था तो इस कार्यक्रम को गलत कहना उचित नहीं।”
गौरतलब है कि विपक्षी दल भाजपा, कांग्रेस और माकपा नजरुल मंच पर हुए कार्यक्रम के दौरान बदइंतजामी के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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