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Sunday, 1 February, 2026
होमदेशजब तक मैं मुख्यमंत्री रहूंगा, ‘मियां’ समुदाय को परेशानी का सामना करना पड़ेगा: सीएम हिमंत

जब तक मैं मुख्यमंत्री रहूंगा, ‘मियां’ समुदाय को परेशानी का सामना करना पड़ेगा: सीएम हिमंत

हिमंत ने कहा, ‘अगर वे मेरा उनके हित में बोलना स्वीकार नहीं कर सकते, तो मुझे उनके खिलाफ काम करना होगा.’

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गोलपाड़ा: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि जब तक वह सत्ता में रहेंगे, ‘मियां’ समुदाय को ‘‘मुसीबतों’’ का सामना करना पड़ेगा.

हिमंत ने कहा कि उन्हें (मियां समुदाय के लोगों को) लगातार समस्याओं का सामना करना चाहिए, ताकि वे राज्य छोड़कर चले जाएं. उन्होंने कहा कि चूंकि मियां ‘अवैध बांग्लादेशी’ हैं, इसलिए उन्हें राज्य में काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

हिमंत ने यहां एक सरकारी कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर मैं असम में रहा, तो उन्हें (मियां समुदाय के लोगों को) परेशानी का सामना करना पड़ेगा. वे यहां शांति से नहीं रह सकते. अगर हम उनके लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे, तभी वे यहां से जाएंगे.’’

‘मियां’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है. गैर-बांग्ला भाषी लोग इन लोगों को आमतौर पर बांग्लादेशी प्रवासी के रूप में पहचानते हैं.

अपने पहले के उस बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मियां समुदाय का कोई रिक्शा चालक पांच रुपये किराया मांगे, तो उसे चार रुपये देने चाहिए, हिमंत ने कहा, ‘‘दरअसल, मैंने तो उनके हित में ही बात की थी. कानून के हिसाब से तो वे यहां काम नहीं कर सकते. किसी देश के नागरिक अपने देश में काम कर सकते हैं. बांग्लादेश के लोग यहां कैसे काम कर सकते हैं?’’

हिमंत ने कहा, ‘‘अगर वे मेरा उनके हित में बोलना स्वीकार नहीं कर सकते, तो मुझे उनके खिलाफ काम करना होगा.’’

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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