भोपाल, 24 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के कान्हा बाघ अभयारण्य के कोर क्षेत्र में एक बाघ शावक मृत पाया गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
शावक की मौत की हालिया घटना के साथ ही राज्य में इस वर्ष जनवरी से अब तक बाघों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 22 हो गया है।
अभयारण्य के उप संचालक अमिता बी ने बताया कि एक से डेढ़ वर्ष आयु का शावक बृहस्पतिवार शाम मंडला और बालाघाट जिलों में फैले अभयारण्य के सरगी क्षेत्र में मृत मिला।
उन्होंने कहा, ‘‘शावक का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया गया है और मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतजार है।’’
अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर प्रतीत होता है कि शावक को उसकी मां से पर्याप्त आहार नहीं मिला, जिससे संभवत: भूख के कारण उसकी मौत हुई होगी।
उन्होंने बताया कि इसी बाघिन के एक अन्य शावक की तीन दिन पहले मौत हुई थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। बाघिन और शेष दो शावकों की निगरानी की जा रही है।’’
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार नौ बाघ अभयारण्य वाले मध्यप्रदेश में इस वर्ष अब तक 22 बाघों की मौत दर्ज की गई है। वर्ष 2026 में बाघ की पहली मौत सात जनवरी को बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य में दर्ज की गई थी।
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने राज्य में बाघों की बढ़ती मौतों पर चिंता जताते हुए कहा, ‘‘मध्यप्रदेश बाघों की मौत, खासकर अप्राकृतिक मौतों में पहले स्थान पर है जो चिंता का विषय है।’’
दुबे ने आरोप लगाया कि निगरानी और गश्त की कमी ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए हाल में पन्ना बाघ अभयारण्य में सामने आए उस मामले का हवाला दिया, जहां क्षत-विक्षत हालत में बाघ मृत मिला था।
भाषा सं दिमो खारी
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