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Saturday, 15 June, 2024
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सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त नौ नए न्यायाधीशों में तीन महिलाएं, 2027 में देश को मिल सकती है पहली महिला CJI

न्यायमूर्ति नागरत्ना को सितंबर 2027 में भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) नियुक्त किए जाने की संभावना है.

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नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा नियुक्ति पत्रों पर हस्ताक्षर करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में तीन महिलाओं समेत नौ नए न्यायाधीशों की बृहस्पतिवार को नियुक्ति हुई.

सरकार के सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही एक औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी.

शीर्ष अदालत के नए न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी, न्यायमूर्ति हिमा कोहली, न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पी एस नरसिम्हा शामिल हैं. न्यायमूर्ति नागरत्ना को सितंबर 2027 में भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) नियुक्त किए जाने की संभावना है.

इनके अलावा न्यायमूर्ति अभय श्रीनिवास ओका, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी भी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 34 हो सकती है और इस समय शीर्ष अदालत में 10 पद रिक्त हैं.

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न्यायालय के कॉलेजियम ने एक अभूतपूर्व निर्णय के तहत तीन महिला न्यायाधीशों को उच्चतम न्यायालय में नियुक्त करने की पिछले सप्ताह सिफारिश की और अगर उनके नाम को मंजूरी दी जाती है तो न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना 10 फरवरी 2027 को भारत की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बन सकती हैं.

कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायाधीश नागरत्ना के अलावा गुजरात उच्च न्यायालय की न्यायाधीश बेला एम त्रिवेदी और तेलंगाना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश हिमा कोहली के नाम की भी उच्चतम न्यायालय में नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है.

न्यायमूर्ति कोहली एक सितंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगी. यह पूछे जाने पर कि क्या नियुक्ति वारंट एक सितंबर से पहले जारी नहीं हो पाएगा, सूत्रों ने बताया कि ऐसी स्थिति संभवत: पैदा नहीं होगी.

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते है, लेकिन उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति के लिए आयु 65 वर्ष है.

कॉलेजियम ने तीन महिला न्यायाधीशों के अलावा केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सी टी रवि कुमार और मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एम एम सुंदरेश के नामों की भी सिफारिश की है.

कॉलेजियम ने बार से सीधी नियुक्ति के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पी एस नरसिम्हा के नाम की सिफारिश की है. अगर उनके नाम को मंजूरी मिलती है तो वह ऐसे छठे वकील होंगे, जिन्हें बार से सीधे न्यायालय में नियुक्ति मिलेगी.

न्यायमूर्ति कोहली के अलावा विभिन्न उच्च न्यायालयों के जिन मुख्य न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की गयी हैं उनमें न्यायमूर्ति अभय श्रीनिवास ओका (कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश), न्यायमूर्ति विक्रम नाथ (गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश) और न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी (सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश) शामिल हैं.


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