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Monday, 8 June, 2026
होमदेशसड़क हादसे में जान बचाने वालों को मिलेगा 25 हज़ार का इनाम, गडकरी ने शुरू की ‘राहवीर’ योजना

सड़क हादसे में जान बचाने वालों को मिलेगा 25 हज़ार का इनाम, गडकरी ने शुरू की ‘राहवीर’ योजना

हादसे के शिकार लोगों का 7 दिन तक 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज कराएगी सरकार, सड़क सुरक्षा के लिए दो नई योजनाओं की घोषणा.

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नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए दो नई योजनाओं की घोषणा की. इनमें हादसे के घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को 25,000 रुपये का पुरस्कार देने की योजना भी शामिल है.

गडकरी ने कहा कि एम्स के एक डॉक्टर की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि देश में हर साल लगभग 1.80 लाख लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत होती है और करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं.

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार, यदि हादसे में घायल हुए लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो करीब 30 प्रतिशत लोगों की जान बचाई जा सकती है. यह संख्या लगभग 50 हजार लोगों की है.

गडकरी ने कहा, “ऐसे लोगों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने वालों को हम ‘राहवीर’ कहेंगे. ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.”

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने दुर्घटना पीड़ितों के इलाज को लेकर भी बड़ी व्यवस्था की है.

उन्होंने कहा, “हादसा किसी भी सड़क पर हुआ हो, चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्ग, जिला सड़क या नगर निगम क्षेत्र की सड़क हो, और पीड़ित को किसी भी अस्पताल में भर्ती कराया जाए, सरकार उसके इलाज का खर्च वहन करेगी.”

उन्होंने बताया कि सरकार दुर्घटना पीड़ितों के सात दिन तक के इलाज का खर्च अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक वहन करेगी.

गडकरी ने कहा कि भारत दुनिया में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है. ऐसे में इन योजनाओं के जरिए हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है. उन्होंने लोगों से इस अभियान में सहयोग की अपील भी की.

उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र भी इस पहल में भागीदारी कर रहा है और रैपिडो ने इस अभियान को समर्थन देने का संकल्प लिया है.

इस बीच, रेलवे मंत्रालय ने भी यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. छह जून को लुधियाना में नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में दरार मिलने के बाद रेलवे ने देशभर में सुरक्षा अभियान शुरू किया है.

रेल मंत्रालय ने सभी जोनों को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) के कोचों की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं. जांच के दौरान जंग, क्षरण और संरचनात्मक कमजोरियों की विशेष रूप से पहचान की जाएगी. यह अभियान अगले एक सप्ताह में पूरा किया जाएगा.

मंत्रालय के अनुसार, जिन कोचों में अत्यधिक जंग या संरचनात्मक कमजोरी पाई जाएगी, उन्हें तुरंत सेवा से हटा दिया जाएगा. रेलवे बोर्ड, कार्यशालाओं और मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी विशेष निरीक्षण करेंगे.

इसके लिए एंडोस्कोपी कैमरा और अल्ट्रासोनिक थिकनेस गेज जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा. साथ ही, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कोचों को जल्द हटाने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को भी सरल बनाया जा रहा है.

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