नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) द्वारा मंगलवार से आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में जिन विषयों पर जोर होगा, उनमें ‘म्यूल’ खातों से निपटने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग शामिल होगा। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
सीबीआई और आई4सी ने मंगलवार से दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया है। इसका शीर्षक ‘‘साइबर धोखाधड़ी से निपटना उसके परिवेशी तंत्र को ध्वस्त करना’’ है। इस सम्मेलन का उद्देश्य संगठित साइबर अपराधों के पीछे के ढांचे को ध्वस्त करने के लिए समन्वित रणनीति विकसित करना है।
एजेंसी अपनी नई साइबर अपराध शाखा की शुरुआत भी करेगी। इसकी शुरुआत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। वे भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के राज्य अपराध समन्वय केंद्र डैशबोर्ड का भी शुभारंभ करेंगे।
सरकार के एक बयान में कहा गया, ‘‘यह सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तीव्रता से हुए डिजिटल बदलाव से बैंकिंग, शासन और संचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हालांकि, इसके साथ ही नयी चुनौतियां भी उत्पन्न हुई हैं, जिसका फायदा संगठित साइबर अपराधी नेटवर्क उठा रहे हैं।’’
दो दिन के सम्मेलन में केंद्र और राज्य की कानून लागू करने वाली एजेंसियों, दूरसंचार विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, सरकारी, निजी और सहकारी क्षेत्र के बैंक, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक – नाबार्ड, फिनटेक कंपनियों और पेमेंट प्लेटफॉर्म, दूरसंचार सेवा प्रदाता, सोशल मीडिया और क्लाउड सर्विस इंटरमीडियरी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, डोमेन विशेषज्ञ, अंतरराष्ट्रीय कानून लागू करने वाली एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भाग लेंगे।
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अमित दिलीप
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