भोपाल, 10 अप्रैल (भाषा) देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने सोमवार को कहा कि राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन फिर भी हमें सतर्क एवं सावधान रहना है।
मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
सारंग एवं चौधरी ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल के तहत राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों का जायजा लिया।
सारंग ने भोपाल में पत्रकारों से कहा, ‘‘मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। लेकिन फिर भी हमें सतर्क रहना है और सावधान भी। अत: जागरुक रहें और पूर्व की भांति सभी स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइन का पालन करते रहिये।’’
उन्होंने बताया बढ़ते कोरोना वायरस को लेकर मध्यप्रदेश सरकार सावधान है और आज प्रदेशभर में मॉक ड्रिल की जा रही है।
सारंग राजधानी भोपाल स्थित सरकारी हमीदिया अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनकी उपस्थिति में हमीदिया अस्पताल में मॉक ड्रिल हुई।
मॉक ड्रिल के पश्चात उन्होंने हमीदिया अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के निरीक्षण के दौरान मरीज तक ऑक्सीजन पहुंचने का प्रेशर, ऑक्सीजन की शुद्धता तथा अन्य मापदंडों का जायजा लिया।
सारंग ने बताया कि हमीदिया अस्पताल में कोरोना वायरस के संदर्भ में मॉक ड्रिल कर उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हमीदिया अस्पताल में कोरोना को लेकर तैयारियां संतोषजनक हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य में प्रतिदिन 1.25 लाख से अधिक लोगों की कोविड-19 की जांच की जा सकती है।
वहीं, राज्य के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने ट्वीट किया, ‘‘मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग तैयार.. जिला चिकित्सालय रायसेन में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के परिचालन की तत्परता सुनिश्चित करने हेतु मॉक ड्रिल किया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वहीं मॉक ड्रिल के दौरान कोविड आईसीयू में कोविड संक्रमित मरीज के उपचार की प्रक्रिया को देखा तथा सीएमएचओ और सिविल सर्जन से कोविड संक्रमित मरीजों के उपचार हेतु सुविधाएं, पृथक-वास बेड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू व्यवस्थाओं की जानकारी ली।’’
चौधरी ने कहा कि इस अवसर पर रायसेन जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा, रायसेन जिलाधिकारी अरविंद दुबे, जिला पंचायत सीईओ अंजू भदौरिया, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरा चौधरी सहित चिकित्सक उपस्थित रहे।
इसी बीच, इंदौर से मिली रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 की पिछली लहरों के दौरान मध्यप्रदेश में महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे जिले में भी स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में मॉक ड्रिल कर इंतजामों को परख रहा है।
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. बीएस सैत्या ने बताया, ‘‘हम अस्पतालों में बिस्तरों, चिकित्सीय ऑक्सीजन, दवाओं, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ आदि के इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं।’’
उन्होंने बताया कि इंदौर जिले में फिलहाल कोविड-19 के 42 मरीज हैं और पिछले 24 घंटे के दौरान महामारी का एक भी नया मरीज नहीं मिला है। सीएमएचओ ने बताया, ‘‘सभी 42 मरीजों में से किसी भी व्यक्ति में महामारी के गंभीर लक्षण नहीं हैं। वे अपने घरों में पृथक-वास में रहकर इलाज करा रहे हैं।’’
वहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों ने भोपाल में बताया कि मध्यप्रदेश में रविवार सुबह तक 170 संक्रमित उपचाराधीन हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक कोविड-19 के 10,55,347 मामले सामने आए हैं जिनमें महामारी की शुरुआत से अब तक 10,777 लोगों की मौत हो चुकी है।
भाषा रावत हर्ष रावत रंजन
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