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Friday, 12 July, 2024
होमदेशपत्रकारिता में दिप्रिंट 'सबसे निष्पक्ष आवाजों' में से एक के लिए शेखर गुप्ता को मिला 'बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर' सम्मान

पत्रकारिता में दिप्रिंट ‘सबसे निष्पक्ष आवाजों’ में से एक के लिए शेखर गुप्ता को मिला ‘बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर’ सम्मान

'अफ़ाक़' डिजीपब अवार्ड्स' - जो 'सिर्फ वेब प्रकाशन पर केंद्रित एकमात्र बिजनेस प्रोग्राम' है जो उन अधिकारियों को सम्मानित करता है जिन्होंने समाचार क्रांति को ऑनलाइन लाने में इस स्तर तक योगदान दिया है.

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नई दिल्ली: दिप्रिंट के संस्थापक और प्रधान संपादक शेखर गुप्ता को ‘अफ़ाक़’ बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर के सम्मान से सम्मानित किया गया! दिप्रिंट के भारतीय समाचार पत्रकारिता में सबसे शक्तिशाली और निष्पक्ष आवाज़ों में से एक होने के लिए गुरुवार को बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिया गया. इस वर्ष पुरस्कारों में ‘बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर’ श्रेणी की शुरुआत की गई, जो डिजीपब वर्ल्ड का एक हिस्सा है, जो इस वर्ष “विशेष रूप से वेब प्रकाशन पर केंद्रित एकमात्र बिजनेस इवेंट” है.

अफ़ाक के अनुसार, शीर्षक “उन अधिकारियों को सम्मानित करने के लिए पेश किया गया था जो समाचार क्रांति को ऑनलाइन तक लाए हैं”. गुप्ता को मार्केटर्स और एजेंसी प्रमुखों की एक विशेष जूरी द्वारा “अफाक्स पाठक” द्वारा नामांकित आठ सुपर अचीवर्स की सूची में से चुना गया था!”

अपने भाषण में, गुप्ता ने “सही कारणों के लिए कभी भी गलत काम नहीं करने” और नैतिक पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने पत्रकारिता में डेस्क संपादकों के महत्व का भी उल्लेख किया.

गुप्ता जब अपने भाषण में मार्केटिंग और पत्रकारिता के बीच अंतर की बात कर रहे थे तो उन्होंने अपनी स्पीच को खत्म करते हुए कुछ हिंदी कहावतों के द्वारा यह बताने की कोशिश की कि कुछ लोग करने कुछ आते हैं लेकिन करने कुछ और लग जाते हैं. जैसे उन्होंने कहा, “पढ़े फ़ारसी, बेचे तेल” और “आए थे हरि भजन करने, ओटन लगे कपास (आप करने कुछ और काम आए थे कर कुछ और रहे हैं).”

‘राज्य और चर्च के पृथक्करण’ की अवधारणा के बारे में बात करते हुए, उन्होंने पत्रकारिता को चर्च के बराबर बताया, और इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे, पिछले कुछ वर्षों में, चर्च और राज्य के बीच की दीवार को बनाए रखना “कठिन हो गया” था.

गुप्ता ने कहा, भारत के प्रमुख समाचार संगठनों ने “जानबूझकर और होश-हवास में” दीवार को गिराने का निर्णय लिया है, जिससे अन्य संगठनों के लिए अलगाव बनाए रखना कठिन हो गया है. दिप्रिंट के प्रधान संपादक ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे मार्केटिंग और संपादकीय दोनों पत्रकारिता के दो पहलू हैं जो प्रतिस्पर्धा या विरोधाभास के बिना एक साथ काम करते हैं.

डिजीपब पुरस्कार, जो डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्टता को मान्यता देता है, पारंपरिक वेबसाइटों तक ही सीमित हैं – वे जो अपने निरंतर अस्तित्व के लिए सामग्री, विज्ञापन, प्रायोजन, सदस्यता और सार्वजनिक योगदान पर निर्भर हैं. 2023 संस्करण अफ़ाक डिजीपब पुरस्कार का चौथा संस्करण हैं!


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