नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शुक्रवार तड़के जनकपुरी में सड़क पर खोदे गए जिस गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई वहां कोई अवरोधक, चेतावनी के संकेत या सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं थे। व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल के साथ इसी 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
प्राथमिकी के अनुसार, यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और उसके ठेकेदार द्वारा आंध्र स्कूल के पास प्रोफेसर जोगिंदर सिंह मार्ग पर खोदा गया था। गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था और वहां सड़क उपायोगकर्ताओं के लिए कोई चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे।
प्राथमिकी में कहा गया है, ‘‘सड़क के बीचोंबीच गड्ढा खोदे जाने के बावजूद वहां न तो कोई अवरोधक लगाया गया, न ही कोई चेतावनी चिह्न और न ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात था।’’
पुलिस ने कहा कि दुर्घटना के बाद किए गए मौके के निरीक्षण से पता चला कि संबंधित अधिकारियों को खुदाई के काम की जानकारी थी, लेकिन वे बुनियादी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने में नाकाम रहे।
प्राथमिकी में कहा गया है, ‘‘घटनास्थल के निरीक्षण से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि गड्ढे को बिना किसी सुरक्षा उपाय के खुला छोड़ दिया गया था जिससे यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया था।’’
रोहिणी स्थित एक निजी बैंक में कार्यरत कमल ध्यानी बृहस्पतिवार-शुक्रवार की रात घर लौट रहे थे कि तभी वह सीवर परियोजना के लिए खोदे गए गड्ढे में बाइक के साथ गिर गए जिससे उन्हें जानलेवा चोट आई।
पुलिस ने बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
भाषा सुरभि नेत्रपाल
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