नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने फल-सब्जी के थोक विक्रताओं के एक एसोसिएशन को निर्देश दिया है कि वह दिल्ली जलबोर्ड की जमीन खाली करे ताकि वहां जल शोधन संयंत्र लगाया जा सके ।
उच्च न्यायालय ने कहा कि पांच करोड़ गैलन पानी प्रतिदिन की क्षमता वाला जल शोधन संयंत्र ‘दिल्ली के बड़े हिस्से’ के लिए आवश्यक है और इससे करीब 15 लाख निवासियों को लाभ होगा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने हालिया फैसले में कहा, ‘‘स्पष्ट है कि अगर प्रस्तावित जल शोधन संयंत्र का निर्माण रुकता है तो इससे लोगों के हितों का नुकसान होगा।’’
उच्च न्यायालय ने पिछले साल सितंबर के एक अंतरिम आदेश को वापस ले लिया जिसके आधार पर नजफगढ़ फल और सब्जी थोक विक्रेता और आढ़तिए एसोसिएशन सब्जी मंडी, नजफगढ़ अभी तक उस जमीन पर अपना कारोबार कर रहे थे।
उच्च न्यायालय ने एसोसिएशन और उसके सदस्यों को जमीन खाली करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है और स्पष्ट किया है कि उन्हें अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
अदालत ने कहा, ‘‘यदि एसोसिएशन के सदस्य खुद से जगह खाली नहीं करते हैं तो, उन्हें हटाने के लिए संबंधित प्राधिकार दंडात्मक कार्रवाई कर सकता है।’’
दिल्ली जलबोर्ड ने पांच करोड़ गैलन पानी प्रतिदिन की क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र के निर्माण के लिए जगह खाली कराने के लक्ष्य से अंतरिम आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया था। इस संयंत्र से द्वारका सब-सिटी, नजफगढ़, उत्तम नगर, सागरपुर, रजोकरी और बिजवासन के लोगों को पानी मिलेगा।
दिल्ली जलबोर्ड ने कहा कि यह संयंत्र उक्त क्षेत्र के लोगों की पानी की समस्या दूर करने के लिए आवश्यक है।
भाषा अर्पणा नरेश
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