मुंबई/नयी दिल्ली/गुवाहाटी, 28 जून (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुवाहाटी में डेरा डाले असंतुष्ट विधायकों से मुंबई लौटने तथा उनसे बातचीत करने की अपील करते हुए कहा कि ‘अब भी देर नहीं हुई है।’ वहीं, बागी नेता एकनाथ शिंदे अपने रुख पर कायम रहे और कहा कि उनका समर्थन करने वाले विधायक ‘हिंदुत्व को आगे बढ़ाने पर अडिग हैं।’
शिवसेना सांसद संजय राउत ने बागियों के खिलाफ बयानबाजी तेज करते हुए चेतावनी दी कि पार्टी नेतृत्व के साथ विश्वासघात करने वाले खुले तौर पर घूम नहीं पाएंगे। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात कर पार्टी के अगले कदम को लेकर चर्चा की।
शिवसेना के सभी नौ बागी मंत्रियों के विभागों को वापस लेने के एक दिन बाद तथा अलग हुए विधायकों को उच्चतम न्यायालय से राहत मिलने की पृष्ठभूमि में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपना सुर नरम करते हुए गुवाहाटी में डेरा डाले असंतुष्ट नेताओं से मुंबई लौटने तथा उनसे बातचीत करने की अपील की।
ठाकरे के एक सहयोगी ने मुख्यमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा ‘‘अभी बहुत देर नहीं हुई है। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप वापस आएं और मेरे साथ बैठें तथा शिवसैनिकों और जनता के बीच बने भ्रम (जो आपके कार्यों से पैदा हुआ) को दूर करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप वापस आते हैं और मुझसे बात करते हैं तो कोई रास्ता निकलेगा। पार्टी अध्यक्ष और परिवार के प्रमुख के रूप में मुझे अब भी आपकी परवाह है।’’
शिंदे ने, उनके समूह के 20 विधायकों के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल के संपर्क में होने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि वह जल्द ही मुंबई लौटेंगे। शिंदे और उनके समूह के विधायक पिछले एक सप्ताह से गुवाहाटी में एक लग्जरी होटल में ठहरे हुए हैं। शिंदे ने होटल के बाहर संवाददाताओं से कहा कि उनके पास 50 विधायकों का समर्थन है। उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी विधायक हिंदुत्व को आगे ले जाने के लिए स्वेच्छा से यहां आए हैं।’’
शिवसेना ने दावा किया है कि गुवाहाटी में शिंदे के साथ होटल में ठहरे हुए पार्टी के करीब 20 विधायक उसके संपर्क में है और वे महाराष्ट्र लौटना चाहते हैं। शिंदे ने कहा, ‘‘दूसरे पक्ष के कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि यहां कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं। यदि ऐसा है, तो उन्हें उनका (विधायकों का) नाम बताना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख स्पष्ट है… हमें दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के सपने वाली शिवसेना को आगे ले जाना है। हम हिंदुत्व की उनकी विचारधारा पर चलते रहेंगे।’’
शिवसेना नेतृत्व और शिंदे के बीच पार्टी को नियंत्रित करने के लिए गतिरोध के बीच, पार्टी के नेता खासकर संजय राउत उन पर तीखे हमले कर रहे हैं। राउत ने शिंदे के नेतृत्व वाले बागी धड़े के खिलाफ आक्रामक टिप्पणी करते हुए मंगलवार को कहा कि जिन लोगों ने पार्टी नेतृत्व से विश्वासघात किया है, वे खुले तौर पर घूम नहीं पाएंगे। मुंबई में अलीबाग में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘विश्वासघाती सड़कों पर घूमने के काबिल नहीं रहेंगे।’’
राउत ने रविवार को तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि गुवाहाटी से ‘‘40 शव आएंगे।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि उनकी पार्टी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार द्वारा उसके अल्पमत में होने की घोषणा किए जाने का इंतजार कर रही है।
पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने नागपुर हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने मौजूदा स्थिति के मद्देनजर ‘इंतजार करो और देखो’ का रुख अपनाने का फैसला किया है। आगामी दिनों में एक कोर टीम गठित की जाएगी, जो इस मामले पर विचार-विमर्श करेगी और इसके बाद फैसला किया जाएगा।’’
महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की।
माना जा रहा है कि फडणवीस ने दोनों नेताओं को महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रमों से अवगत कराया और राज्य में पार्टी की भावी रणनीति से जुड़े विभिन्न पहुलओं पर चर्चा की। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फडणवीस ने भाजपा सांसद और वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी के साथ शाह से मुलाकात की।
ढाई साल पुरानी एमवीए सरकार को गिराने के प्रयास में शिवसेना के लगभग 40 बागी विधायक और कम से कम 10 निर्दलीय विधायक असम के एक पांच सितारा होटल में डेरा डाले हुए हैं।
भाषा आशीष माधव
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