हैदराबाद, 16 मार्च (भाषा) तेलुगु अभिनेत्री प्रत्युषा की मौत के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति ने सोमवार को शहर की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
दोषी सिद्धार्थ रेड्डी ने उच्चतम न्यायालय के 17 फरवरी के उस फैसले के बाद आत्मसमर्पण किया, जिसमें अभिनेत्री की मौत के मामले में दोषी ठहराए जाने को चुनौती देने वाली उसकी याचिका खारिज कर दी गई थी।
न्यायालय ने रेड्डी को चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।
यहां अदालत में रेड्डी के आत्मसमर्पण करने के बाद, उसे चंचलगुडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।
इस मामले में गला घोंटने और दुष्कर्म की आशंका को खारिज करते हुए, उच्चतम न्यायालय ने प्रत्युषा की मां पी सरोजिनी देवी द्वारा दायर उस याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने हत्या की साजिश का आरोप लगाया था।
प्रत्युषा की मौत 24 फरवरी 2002 को हैदराबाद में हुई थी।
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने 2011 में सिद्धार्थ रेड्डी की सजा को पहले दी गई पांच साल की सजा से घटाकर दो साल कर दिया।
अधीनस्थ अदालत ने 2004 को रेड्डी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पांच साल की कैद और 5,000 रुपये का जुर्माना सुनाया था।
यह मामला फरवरी 2002 का है, जब रेड्डी और प्रत्युषा छह साल से रिश्ते में थे।
परिवार द्वारा शादी का विरोध करने के बाद उन्होंने आत्महत्या करने का प्रयास किया। 23 फरवरी 2002 को दोनों ने कीटनाशक पी लिया, लेकिन बाद में प्रत्युषा ने दम तोड़ दिया और रेड्डी की जान बच गयी।
भाषा
राखी खारी
खारी
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