हैदराबाद, 24 नवंबर (भाषा) तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (टीजीसीएसबी) ने भद्राद्री कोठागुडेम जिले में 80-वर्षीय एक चिकित्सक तथा उसके परिवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अधिकारी के नाम पर तीन दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर जबरन वसूली करने के साइबर धोखेबाजों के प्रयास को विफल कर दिया। ब्यूरो ने सोमवार को यह जानकारी दी।
धोखेबाजों ने भद्राचलम में नर्सिंग होम चलाने वाले बुजुर्ग चिकित्सक, उनकी बहू और उनकी नाबालिग पोती को ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया था।
टीजीसीएसबी की निदेशक शिखा गोयल ने एक विज्ञप्ति में बताया कि 20 नवंबर को चिकित्सक को व्हाट्सऐप पर कुछ अपराधियों ने सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल किया। उन्होंने झूठा दावा किया कि मुंबई में उनके आधार से खोला गया एक बैंक खाता सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे 100 से ज़्यादा आपराधिक मामलों से जुड़ा है।
कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचने पर चिकित्सक के सहायक को कुछ अनहोनी का संदेह हुआ। सहायक के बार-बार पूछने पर पीड़ितों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बारे में बताया, जिसने 23 नवंबर की रात को टीजीसीएसबी के कोठागुडेम ज़िला स्थित साइबर अपराध समन्वय केंद्र को मामले की सूचना दी।
तत्काल ही पुलिस उपाधीक्षक अशोक बाबू और निरीक्षक जितेंद्र यहां चिकित्सक के आवास पर पहुंचे और धोखेबाजों से संपर्क तोड़ दिया।
भाषा यासिर सुरेश
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