धनबाद, तीन जनवरी (भाषा) लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) मसूरी के प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की दस सदस्यीय टीम ने झारखंड के धनबाद जिले के झरिया खदान आग प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के कमांड क्षेत्र में ‘ओपनकास्ट’ (खुले खदान) और भूमिगत कोयला खनन कार्यों का भी करीब से अवलोकन करने का अवसर मिला।
धनबाद प्रशासन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी अपने एक दिवसीय ‘शीतकालीन अध्ययन दौरे’ के तहत धनबाद पहुंचे और विभिन्न कोयला खनन स्थलों का दौरा किया।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘आज सुबह प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों की टीम ने झरिया खदान में लगी आग से विस्थापित हुए परिवारों के पुनर्वास के लिए निर्मित बेलगड़िया टाउनशिप का दौरा किया। उन्होंने टाउनशिप में निवासियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। अब तक टाउनशिप के कई क्वार्टर में लगभग 3,000 विस्थापित परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है।’’
अधिकृत एजेंसियों के अनुसार, झरिया में लगी आग और भूस्खलन से प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 14 लाख परिवारों को बेलगड़िया टाउनशिप और अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जाना है।
प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने धनबाद के उपायुक्त (डीसी) आदित्य रंजन से भी मुलाकात की।
धनबाद के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) विकास पालीवाल ने कोयला खदानों और अन्य स्थानों के दौरे के दौरान उनका मार्गदर्शन किया।
भाषा तान्या सुरभि
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