चेन्नई, 17 दिसंबर (भाषा) अन्नाद्रमुक के अंतरिम प्रमुख ई के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने शनिवार को कहा कि राज्य में किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण के आदेश को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार द्वारा वापस लिया जाना किसानों तथा उनकी पार्टी की जीत है, जो कृषकों के साथ खड़ी थी।
पलानीस्वामी ने कहा कि जब कोयंबटूर क्षेत्र में अविनाशी सहित अन्य तालुकाओं से 3,800 एकड़ कृषि भूमि के अधिग्रहण के लिए सरकारी आदेश (16 अगस्त, 2021) जारी किया गया था, तब किसान दंग रह गए थे और उनकी पार्टी ने तब से इस कदम का विरोध किया था।
ईपीएस ने एक बयान में कहा कि संपत्ति कर, बिजली शुल्क में बढ़ोतरी और इसी तरह के अन्य जनविरोधी कदमों के खिलाफ कोयंबटूर में दो दिसंबर को भूख हड़ताल का नेतृत्व करते हुए उन्होंने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर सरकार की निंदा की थी।
उन्होंने कहा कि किसानों और उनकी पार्टी के कड़े विरोध के बाद इस सप्ताह एक सरकारी आदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि किसानों की जमीन का अधिग्रहण उनकी मर्जी के बिना नहीं किया जाएगा।
पलानीस्वामी ने कहा कि यह किसानों और उनके साथ खड़ी अन्नाद्रमुक की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी और द्रमुक सरकार को किसानों की इच्छा के बिना उनकी जमीन के अधिग्रहण की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
भाषा नेत्रपाल दिलीप
दिलीप
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