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Thursday, 3 September, 2026
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तमिलनाडु क्राइम ब्रांच-CID ने CM विजय के AI डीपफेक वीडियो को लेकर केस दर्ज किया

एआई वीडियो में विजय की तरह दिखने वाला फर्ज़ी रूप बनाकर लोगों से आर्थिक मदद के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं. क्राइम ब्रांच ने कहा कि इनमें से कई वीडियो कथित तौर पर पाकिस्तान में बने फेसबुक अकाउंट से शेयर किए गए हैं.

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चेन्नई: तमिलनाडु की क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तरह दिखने वाले एआई से बनाए गए डीपफेक वीडियो फैलाए जाने के मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इन वीडियो में आर्थिक मदद देने के नाम पर लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं. क्राइम ब्रांच ने कहा है कि इनमें से कई वीडियो कथित तौर पर पाकिस्तान में बने फेसबुक अकाउंट से शेयर किए गए हैं.

CB-CID की साइबर क्राइम टीम की ओर से जारी बयान के मुताबिक, फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नियमित साइबर निगरानी के दौरान इन वीडियो का पता चला. हिंदी ऑडियो वाले इन वीडियो में मुख्यमंत्री जैसे दिखने वाला एक व्यक्ति जरूरतमंद लोगों को मदद देने की बात करता है और उनसे एक खास व्हाट्सऐप नंबर पर संपर्क करने को कहता है.

इन वीडियो को लेकर मंगलवार को एक विशेष रिपोर्ट दी गई, जिसके आधार पर CBCID के साइबर क्राइम सेल में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई. अधिकारियों ने फेसबुक की मालिक टेक कंपनी मेटा को पत्र लिखकर कंटेंट अपलोड करने के लिए इस्तेमाल की गई फर्जी IDs और उनसे जुड़े लॉग की जानकारी मांगी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इन वीडियो को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

मामले की शुरुआती जांच में पता चला है कि मुख्यमंत्री की ओर से मदद का वादा करने वाले ऐसे कई एआई से बनाए गए डीपफेक वीडियो फेसबुक के अलावा दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी फैल रहे हैं. इन अकाउंट्स के मालिकों की पहचान करने और कंटेंट को जल्द से जल्द हटाने के लिए जांच जारी है.

तमिलनाडु पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे वीडियो में बताए गए फोन नंबरों पर जवाब न दें और न ही व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल हों. ये वीडियो असली नहीं हैं, बल्कि लोगों को ठगने के इरादे से स्कैमर्स द्वारा बनाए गए डीपफेक हैं. लोगों से यह भी कहा गया है कि वे अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों को इस तरह की ऑनलाइन ठगी के बारे में जागरूक करें.

यह मामला मई 2026 में विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद सामने आए उनके नाम से जुड़े भ्रामक और फर्जी ऑनलाइन कंटेंट के बड़े पैटर्न के बाद आया है, खासकर हिंदी में. आर्थिक ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे साफ तौर पर फर्जी डीपफेक वीडियो के अलावा, उत्तर भारत के कई इन्फ्लुएंसर्स ने स्क्रिप्ट के आधार पर हिंदी वीडियो और रील्स बनाए हैं, जिनमें विजय के नाम से झूठी घोषणाएं की गई हैं.

इन वीडियो में दावा किया गया है कि विजय ने पीड़िता की उम्र, धर्म या राज्य की परवाह किए बिना रेप के आरोपियों को फांसी देने या उनका “एनकाउंटर” करने का आदेश दिया है. इनमें यह भी कहा गया कि अगर किसी मरीज की प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो जाती है तो उसका अस्पताल बिल माफ कर दिया जाएगा. इसके अलावा गाय काटने, मंदिरों की दान पेटियों, मस्जिदों के इमामों की सैलरी, पेट्रोल की कीमतों और प्रधानमंत्री के साथ टकराव को लेकर भी विजय से जुड़ी मनगढ़ंत कहानियां फैलाई गई हैं.

हालांकि, जांच के बाद सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि ऐसा कोई आधिकारिक आदेश, सरकारी नोटिफिकेशन या बयान मौजूद नहीं है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इनमें से कई दावों को पूरी तरह झूठा बताया है. इन वीडियो में अक्सर फिल्मी और नाटकीय भाषा का इस्तेमाल किया जाता है और एक जैसी स्क्रिप्ट कई अकाउंट्स पर दोहराई जाती है. इनका मुख्य निशाना उत्तर भारत के लोग हैं.

अलग से, मुख्यमंत्री के नाम या उनकी तस्वीर और शक्ल का इस्तेमाल कर साइबर फ्रॉड के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं. मुख्यमंत्री से जुड़े होने का दावा करने वाले किसी फाउंडेशन के नाम पर लोन, स्टार्टअप फंडिंग या मदद देने की पेशकश कर इसी तरह की ठगी की गई है. पुलिस और आधिकारिक चेतावनियों में लगातार कहा जा रहा है कि किसी असली सरकारी योजना में लोगों को व्हाट्सऐप या अनजान नंबरों के जरिए पहले से प्रोसेसिंग फीस, टैक्स या कोई अन्य चार्ज देने के लिए नहीं कहा जाता. लोगों से कहा गया है कि जवाब देने से पहले किसी भी दावे की आधिकारिक माध्यमों से जांच जरूर करें.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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