चेन्नई, 23 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीट पर चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को रिकॉर्ड 85 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 5.73 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 85.05 फीसदी यानी लगभग 4.82 करोड़ ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
इससे पहले, तमिलनाडु में 2011 के विधानसभा चुनावों में सर्वाधिक 78.29 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था, जब अन्नाद्रमुक ने शानदार जीत हासिल की थी।
तमिलनाडु विभानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और विपक्षी दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) तथा तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार जताए जा रहे हैं।
निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में मतदान लगभग शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी किसी बड़ी घटना की शिकायत नहीं मिली।
द्रमुक और अन्नाद्रमुक, दोनों ने चुनावों में अपनी-अपनी जीत का भरोसा जताया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है।”
निर्वाचन अधिकारियों ने कहा कि आंकड़ों को अभी भी समेकित किया जा रहा है, ऐसे में अंतिम मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो सकती है।
इस बीच, द्रमुक के सूत्रों ने कहा कि मतदाताओं की भागीदारी को “अभूतपूर्व या ऐतिहासिक” करार देने के लिए मतदान प्रतिशत 88 से 90 फीसदी के बीच होना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु में 2001 से लेकर अब तक हुए हर विधानसभा चुनाव में वोटों की संख्या में कम से कम 30 लाख की वृद्धि देखी गई है।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे संपन्न हो गया तथा इस अवधि में 85.05 फीसदी यानी लगभग 4.87 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के करूर जिले में सबसे ज्यादा 91.86 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि कन्याकुमारी में सबसे कम 75.50 प्रतिशत वोट पड़े।
तमिलनाडु में 2021 के विधानसभा चुनावों में 73.63 प्रतिशत मतदान हुआ था और लगभग 4.59 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाला था। वर्ष 2021 में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या लगभग 6.29 करोड़ थी। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों में पिछले चुनावों की तुलना में लगभग 23 लाख अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मुख्यमंत्री एवं द्रमुख अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा, “तमिलनाडु जीतेगा।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, राज्यों के अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे संविधान के सर्वोच्च मूल्यों को बरकरार रखने वाला जनता का वोट तमिलनाडु की रक्षा के लिए एक ढाल है।
अन्नाद्रमुक प्रमुख ईके पलानीस्वामी ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नारायण तिरुपति ने ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत का श्रेय एसआईआर की कवायद को दिया। उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “निर्वाचन आयोग को सलाम। हमने बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी में देखा है और अब तमिलनाडु में भी। इसलिए, उन्हें पूरा श्रेय जाता है।”
तमिलनाडु में मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान राज्य में मतदाताओं की संख्या अक्टूबर 2025 में दर्ज 6.41 करोड़ से घटकर 5.73 करोड़ रह गई थी। वर्ष 2021 के चुनावों में लगभग 6.29 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। यह संख्या इस चुनाव में पंजीकृत मतदाताओं से 56 लाख अधिक है।
भीषण गर्मी के बावजूद लोग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे। राज्य में मतदान लगभग शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, कुछ जगहों से चुनाव के बहिष्कार की खबरें आईं।
पुदुकोट्टई जिले के वेंगाइवयाल गांव के मतदाताओं ने कुछ साल पहले एक जलकुंड में मल मिलाए जाने की घटना के विरोध में मतदान का बहिष्कार किया। उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसी तरह, विलाथिकुलम विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले एट्टायपुरम में कुलथुवैपत्ती और कुमारगिरी गांवों के ग्रामीणों ने “एक मार्ग के सार्वजनिक इस्तेमाल को लेकर श्रीलंकाई शरणार्थियों के साथ वर्षों से जारी विवाद” को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया। क्षेत्र में 983 मतदाता पंजीकृत थे, लेकिन वहां सिर्फ पांच वोट पड़़े।
मदुरै और सेलम में कुछ मतदान केंद्रों पर द्रमुक और अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ताओं के बीच छिटपुट झड़प की खबरें आईं।
भाजपा नेता के अन्नामलाई और वनथी श्रीनिवासन ने द्रमुख पर मतदाताओं को पैसे बांटने का आरोप लगाया, जबकि चेन्नई के मायलापुर से पार्टी उम्मीदवार डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन ने सत्तारूढ़ पार्टी पर अपने उगते सूरज चुनाव चिन्ह को खुलेआम प्रदर्शित करके मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उधर, तिरुपत्तूर में टीवीके के एक समर्थक ने कथित तौर पर ईवीएम पर विजय की पार्टी के पक्ष में बटन दबाते हुए खुद का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर जारी कर दिया। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
भाषा पारुल देवेंद्र
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