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Monday, 5 January, 2026
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शुभेंदु अधिकारी का पश्चिम बंगाल प्रशासन पर एसआईआर में गड़बड़ी कराने का आरोप, तृणमूल ने किया खंडन

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कोलकाता, दो दिसंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने कुलतली के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के “लीक हुए व्हॉट्सऐप संदेश” का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल प्रशासन विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

विपक्षी नेता अधिकारी ने सोशल मीडिया पर कथित चैट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना जिले के कुलतली, जयनगर और आस-पास के क्षेत्रों में बूथ स्तर के अधिकारियों पर यह दबाव डाला जा रहा है कि मृत मतदाताओं और अपना निवास स्थान बदलने वालों के नामों में कोई बदलाव न किया जाए।

उन्होंने दावा किया कि “प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग” कर एसआईआर को प्रभावित किया जा रहा है और अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों का “स्पष्ट उल्लंघन” करते हुए निर्देश दिए जा रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया, “कई जगहों पर बीडीओ का इस्तेमाल इस तरह की गड़बड़ियों के लिए किया जा रहा है। क्या प्रशासन निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों की अवहेलना करते हुए ऐसे निर्देश जारी कर सकता है?’’ उन्होंने आयोग से मामले की जांच और “उचित कार्रवाई” करने का आग्रह किया।

इससे पहले दिन में अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल से मुलाकात की और एसआईआर से संबंधित कई मांगें प्रस्तुत कीं। बैठक के दौरान, उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की चुनाव सलाहकार कंपनी ‘आई-पैक’ पर अनधिकृत पहुंच का भी आरोप लगाया।

उन्होंने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग करते हुए सवाल किया, “आई-पैक को डेटा एंट्री प्रणाली तक पहुंच कैसे मिल रही है?”

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस इन निराधार दावों का पुरजोर खंडन करती है। शुभेंदु अधिकारी काल्पनिक षड्यंत्र रच रहे हैं क्योंकि भाजपा के पास देने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। वह सुर्खियों में बने रहने के लिए हर दिन फर्जी कहानियां गढ़ रहे हैं।”

निर्वाचन आयोग ने अभी तक अधिकारी के दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

भाषा

खारी नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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