नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गठित चिकित्सक दलों ने पांच शहरों में कथित तौर पर निर्धारित न्यूनतम मानक आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर रहे 12 निजी मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया और उनमें से एक को बंद करा दिया।
आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बाकी मेडिकल कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई करेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इन औचक निरीक्षणों की निगरानी की।
कोविड-19 महामारी के दौरान, कुछ कॉलेजों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वीकृति व मान्यता देने की औपचारिकता की गई, जिसके बाद मंत्रालय को उनमें से कुछ के खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, ”केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा डॉक्टरों की तीन से छह टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने इस साल 15 जनवरी से धुले, जबलपुर, उदयपुर, हैदराबाद और चेन्नई में प्रशिक्षण व शिक्षण कार्यक्रम चलाने वाले 12 मेडिकल कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया।”
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