लखनऊ/बलिया, 12 जुलाई (भाषा) सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने मंगलवार को कहा कि वह 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के बारे में सहयोगी समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद 16 जुलाई को फैसला करेगी।
सुभासपा के मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘ सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर जल्द ही (सपा प्रमुख) अखिलेश यादव से मिलेंगे। आज (मंगलवार) का संवाददाता सम्मेलन रद्द कर दिया गया है।”
प्रवक्ता ने बताया कि ” सपा के वरिष्ठ नेता उदयवीर सिंह ने कहा था कि अखिलेश यादव एक-दो दिनों में उनसे मिलेंगे। लेकिन, अचानक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना यादव के निधन के बाद सपा प्रमुख की पारिवारिक व्यस्तता की वजह से मुलाकात नहीं हुई, इसलिए संवाददाता सम्मेलन को रद्द कर दिया गया है।’
उन्होंने कहा, राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अखिलेश यादव के साथ बैठक करने के बाद 16 जुलाई को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस होगी। सुभासपा प्रमुख के पुत्र और पार्टी प्रवक्ता अरुण राजभर ने कहा,’ सुभासपा, सपा के साथ है और भविष्य में भी साथ रहेगी।’
मंगलवार को रसड़ा में हुई पार्टी की बैठक के बारे में पूछे जाने पर अरुण ने कहा, ”पार्टी संगठन के विस्तार पर चर्चा हुई और सुभासपा प्रमुख ने कहा कि 16 जुलाई तक (अखिलेश यादव के साथ) बैठक होगी, जिसके बाद हम यह स्पष्ट करेंगे कि राष्ट्रपति चुनाव में किसे वोट दिया जाएगा।’
उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को कहा था कि वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात करके पूछेंगे कि विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित क्यों नहीं किया गया।
राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है। मतदान में सुभासपा की भूमिका को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है क्योंकि पार्टी प्रमुख ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
सुभासपा अध्यक्ष ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा था कि वह अखिलेश यादव से मुलाकात करना चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंने सपा नेता उदयवीर सिंह (अखिलेश यादव के करीबी) से फोन पर बात की और उन्हें अखिलेश से मुलाकात व बातचीत की अपनी मंशा से अवगत कराया।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के लिये विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की गत बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता हुई थी। सपा ने इस पत्रकार वार्ता में गठबंधन के एक अन्य सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रमुख जयंत सिंह को तो बुलाया था, लेकिन सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर इसमें नजर नहीं आए थे।
राजभर ने कहा कि वह सपा प्रमुख से मिलकर यह जानना चाहते हैं कि आखिरकार उन्हें विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के कार्यक्रम में आमंत्रित क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने दावा किया था कि वह 12 जुलाई तक अखिलेश के रुख का इंतजार करेंगे और फिर अपने निर्णय की घोषणा करेंगे।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को यहां राजग के सांसदों और विधायकों से अपने लिए समर्थन मांगा था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मुर्मू के सम्मान में रात्रिभोज आयोजित किया था, जिसमें भाजपा के सहयोगी दलों के नेताओं के अलावा ओमप्रकाश राजभर भी शामिल हुए थे। हालांकि, बाद में राजभर ने दावा किया था कि वह मुर्मू के बुलावे पर गये थे।
भाषा सं आनन्द अरुनव धीरज
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