कन्नूर, नौ अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को भाजपा की खिंचाई करते हुए केंद्र में भगवा दल से मुकाबले के लिए तमिलनाडु मॉडल को अपनाने की वकालत की।
स्टालिन ने कहा कि देश की संस्कृति विविधता में एकता की रही है, लेकिन इस विविधता को नष्ट करके एक ‘एकल’ विशेषता की संस्कृति सृजित करने का प्रयास किया जा रहा है।
केंद्र सरकार पर ‘सत्ता की भूखी’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में राज्यपाल पद का दुरुपयोग कर रही है। स्टालिन ने सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से अपील की कि वह तमिलनाडु में डीएमके के व्यापक आधार वाले गठबंधन का अनुसरण करें।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा से मुकाबला के लिए साथ मिलकर काम करने की अपील की। केरल की सत्ताधारी पार्टी सीपीआई-एम (माकपा) के 23वें पार्टी सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे स्टालिन ने कहा कि यदि देश की रक्षा करनी है, तो सबसे पहले राज्यों की रक्षा करनी होगी।
भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के प्रस्ताव ‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एकल शिक्षा प्रणाली, एकल धर्म, एकल भाषा और संस्कृति सृजित करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
स्टालिन ने कहा कि अब हर चीज के लिए ‘एकल’ गान किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा का मजाक उड़ाते हुए कहा कि इस दर से तो रुझान एकल दलीय प्रणाली की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि भाजपा इससे खुश हो सकती है, लेकिन देश के लिए इससे ज्यादा खतरनाक कुछ नहीं हो सकता।
स्टालिन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी शक्ति का विस्तार संविधान में दी गई सीमा के परे करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सत्ता की भूखी भाजपा सरकार की मंशा ग्राम स्तर पर भी अपने नियंत्रण में काम करने वाली कारपोरेट सोसायटी को लाने की है।
महात्मा गांधी और भगत सिंह का हवाला देते हुए स्टालिन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह लोगों के साथ विश्वासघात कर रही है।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लेकर स्टालिन ने कहा कि राज्यों का राजस्व हड़पा जा रहा है और क्षतिपूर्ति तक नहीं की जा सकी है। उन्होंने कहा कि अकेले तमिलनाडु के 21 हजार करोड़ रुपये बकाया हैं।
स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा से पास 11 विधेयक रोक दिये हैं, जिनमें नीट विरोधी विधेयक भी शामिल है।
स्टालिन ने केरल के मुख्यमंत्री तारीफ करते हुए कहा कि पिनराई विजयन ने आदर्श प्रशासन का नमूना पेश किया है। उन्होंने कहा कि विजयन एक तरफ अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते हैं, तो दूसरी तरफ विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाते हैं।
भाषा संतोष माधव
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