नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) केंद्र और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने नेपाल और बांग्लादेश की तरह विरोध प्रदर्शन के लिए ‘जेन जेड’ को उकसाने की कोशिश की थी।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.वी. वराले की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वांगचुक ने ‘अरब स्प्रिंग’ जैसे आंदोलन का भी जिक्र किया था। इस आंदोलन के कारण अरब जगत के कई देशों में सरकारें गिर गई थीं।
मेहता ने कहा, ‘‘उन्होंने ‘जेन जेड’ को उकसाने के लिए अपने भाषण को सावधानीपूर्वक तैयार किया और नेपाल और बांग्लादेश की तरह आंदोलन करने का आह्वान किया तथा महात्मा गांधी के भाषणों का इस्तेमाल अपने असली इरादे को छिपाने के लिए किया।’’
‘जेन जेड’ शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है कि जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है।
शीर्ष अदालत जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत उनकी हिरासत को चुनौती दी थी।
मेहता ने कहा कि वांगचुक ने केंद्र सरकार को ‘‘वे’’ कहकर संबोधित किया और लद्दाख के लोगों को ‘‘हम’’ बताते हुए ‘‘जनमत संग्रह’’ की मांग की, ठीक वही मांगें जो पहले जम्मू कश्मीर में की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यहां कोई ‘वे’ या ‘हम’ नहीं है, बल्कि हम सब भारतीय हैं। लद्दाख एक ऐसा क्षेत्र है जो दो देशों – चीन और पाकिस्तान – के साथ सीमा साझा करता है… यह इलाका बहुत ही संवेदनशील है।’’
मेहता ने कहा, ‘‘उनके द्वारा दिये गए भाषणों को समग्र रूप से ध्यान में रखना होगा। वे युवाओं को गुमराह कर रहे थे और महात्मा गांधी के भाषणों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करके इसे छुपा रहे थे। गांधीजी ने कभी भी लोगों को उनकी अपनी सरकार के खिलाफ भड़काया नहीं।’’
वांगचुक वर्तमान में जोधपुर केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
वांगचुक की पत्नी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा दी गई दलील का खंडन करते हुए मेहता ने कहा कि जिलाधिकारी ने हिरासत आदेश पारित करने के लिए किसी भी ‘‘बाहरी सामग्री’’ का सहारा नहीं लिया।
मामले में दलीलें मंगलवार को भी पेश की जाएंगी।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
