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Wednesday, 29 April, 2026
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कंकाल प्रकरण: बीजद ने आदिवासी व्यक्ति के साथ कई बार क्रूरता किये जाने का किया दावा

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भुवनेश्वर/क्योंझर, 28 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के क्योंझर जिले में एक व्यक्ति द्वारा पैसे निकालने के वास्ते अपनी बहन का कंकाल बैंक में ले जाकर उसकी मृत्यु के प्रमाण के तौर पर पेश किये की घटना की प्रशासनिक जांच से पहले विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को आरोप लगाया कि जीतू मुंडा को अवशेषों को दोबारा दफनाने के लिए गांव के कब्रिस्तान तक तीन किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर किया गया।

घासीपुरा के विधायक और पूर्व मंत्री बद्री नारायण पात्रा ने यह आरोप लगाया। उससे पहले उन्होंने आज सुबह क्योंझर जिले के पटाना प्रखंड के डियानाली गांव का दौरा किया और मुंडा (50) से उनके आवास पर मुलाकात की।

पात्रा ने बीजद के तथ्यान्वेषी दल का नेतृत्व किया, जिसने आदिवासी व्यक्ति मुंडा के साथ की गयी ‘क्रूरता’ पर चिंता व्यक्त की।

पात्रा ने पत्रकारों को बताया, “ऐसे कई उदाहरण हैं जहां मुंडा को बैंक और स्थानीय प्रशासन के अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा। वह 27 अप्रैल को अपनी बहन का कंकाल बैंक में ले गये थे, उससे पहले भी जब वह (बहन) बीमार थी, तब उन्होंने अधिकारियों से उसके खाते से पैसे निकालने का अनुरोध किया था। बैंक अधिकारियों ने सहयोग नहीं किया। परिवार ने मवेशी बेचकर 19,300 रुपये जमा किए थे। मुंडा को कथित तौर पर अपनी बीमार बहन को बैंक लाने के लिए कहा गया था।”

पात्रा ने कहा, ‘‘जब मामला सामने आया और पुलिस ने हस्तक्षेप किया, तो मुंडा को कंकाल को वापस उस कब्रिस्तान में ले जाने के लिए कहा गया जहां से इसे निकाला गया था। मुंडा ने फिर से कंकाल को अपने कंधे पर उठाया और वह तीन किलोमीटर पैदल गये जबकि पुलिसकर्मी जीप में उनके पीछे आ रहे थे।’’

चिंता व्यक्त करते हुए छह बार के विधायक पात्रा (82) ने कहा कि यह घटना एक ‘क्रूर और शर्मनाक’ स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अधिकारी कंकाल को ले जाने की व्यवस्था क्यों नहीं कर सके।

बीजद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि इस घटना से ‘राज्य शर्मसार और कलंकित हो गया है। उन्होंने आदिवासियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के लिए प्रशासनिक विफलता को जिम्मेदार ठहराया।

सोमवार को ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा से अपनी बहन के कंकाल को ले जाते हुए मुंडा का चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है।

पात्रा ने बताया कि जब जीतू कंकाल को बैंक ले जा रहे थे तब लोगों ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब वह कंकाल को लेकर कब्रिस्तान की ओर जा रहे थे तब कई लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया।

बीजद ने ‘एक्स पर लिखा, ‘‘केंदुझार के एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचने की घटना ने राज्य को शर्मसार एवं कलंकित कर दिया है। आदिवासी मुख्यमंत्री आदिवासियों को न्याय दिलाने में असमर्थ हैं। इस घटना के लिए क्षेत्र की प्रशासनिक विफलता जिम्मेदार है। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार बढ़ गए हैं।’’

इस घटना पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रशासनिक जांच के आदेश दिए। राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीओ-उत्तरी मंडल) संग्राम केशरी महापात्र को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

इस बीच, ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा के प्रबंधक सुसंता कुमार सेठी ने स्पष्ट किया कि बैंक ने पैसे निकालने के लिए शव नहीं बल्कि मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा था।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘घटना के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विचार करने के लिए जांच की जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि आरडीसी को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

इस बीच, एक बयान में कहा गया है कि संकटग्रस्त आदिवासी व्यक्ति को जिला रेड क्रॉस फंड से 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता, उसकी बहन का मृत्यु प्रमाण पत्र और उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।

सोमवार को मुंडा अपनी दिवंगत बहन कार्ला मुंडा के खाते से पैसे निकालने के लिए उसका कंकाल लेकर बैंक गए थे। बाद में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि कथित तौर पर उन्हें मृत्यु का प्रमाण दिखाने के लिए कहा गया था जिसके बाद उन्हें शव को कब्र से खोदकर निकालना पड़ा।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘कोई और विकल्प न होने पर, मैंने कब्र खोदी और अपनी बहन की मृत्यु साबित करने के लिए उसका कंकाल निकाला।’’

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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