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Monday, 9 February, 2026
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फोन के पासवर्ड परिवार से करें साझा, रात्रि भोजन के समय गैजेट ना चलये: छात्रों को मोदी का मंत्र

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(शीर्षक में सुधार के साथ रिपीट)

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अभिभावकों को घरों में ‘नो गैजेट जोन’ और ‘रात्रि भोजन के दौरान कोई गैजेट नहीं’ जैसे कुछ नियम और कानून बनाने का सुझाव दिया और साथ ही पारदर्शिता स्थापित करने के लिए अपने घर के सभी मोबाइल फोन का पासवर्ड प्रत्येक सदस्य के साथ साझा करने की भी सलाह दी।

भारत मंडपम में आयोजित सातवें ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी को बोझ नहीं समझा जाना चाहिए बल्कि यह सीखना अनिवार्य है कि इसका उपयोग किसी के लाभ के लिए कैसे किया जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘माता-पिता को परिवार में कुछ नियम और कायदे बनाने चाहिए। जैसे रात के खाने के दौरान कोई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल न करे । इसी प्रकार ऐसा जोन बनाना चाहिए जहां पर इलेक्ट्रानिक गैजेट प्रतिबंधित हो। आज की दुनिया में, कोई भी प्रौद्योगिकी से दूर नहीं भाग सकता है। इसे बोझ नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसके प्रभावी उपयोग को सीखना अनिवार्य है।’’

प्रधानमंत्री ने छात्रों को अपने माता-पिता को शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी के संसाधन के बारे में शिक्षित करने का सुझाव दिया और परिवार के भीतर फोन के पासवर्ड साझा करने की भी सिफारिश की।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत सारी बुराइयों को रोक देगा।’’

प्रधानमंत्री ने छात्रों को एप के माध्यम से ‘स्क्रीन टाइम’ की निगरानी करने की भी सलाह दी। ‘स्क्रीन टाइम’ शब्द आम तौर पर उस समय को संदर्भित करता है, जो कोई व्यक्ति मोबाइल और टेलीविजन के स्क्रीन का उपयोग करके बिताता है।

प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में पुणे की एक अभिभावक चंद्रेश जैन ने छात्रों के जीवन में प्रौद्योगिकी की घुसपैठ के बारे में चिंता जताई जबकि झारखंड के रामगढ़ की एक अभिभावक कुमारी पूजा श्रीवास्तव ने उनसे पूछा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की प्रचुरता के साथ पढ़ाई का प्रबंधन कैसे किया जाए।

हिमाचल प्रदेश के टीआर डीएवी स्कूल के छात्र अभिनव राणा ने उनसे पूछा कि परीक्षा के तनाव को कैसे हराया जाए।

प्रधानमंत्री ने घर में पके हुए पसंदीदा भोजन के साथ मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग की तुलना करते हुए कहा कि अधिक मात्रा में खा लेने पर पेट की समस्याओं के साथ ही अन्य समस्याएं हो सकती हैं, भले ही वह भोजन पोषक तत्वों से भरपूर हो।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी चीज की अधिकता बुरी बात है।’’

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र माधव

माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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