नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद की टिप्पणियों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सबसे “अलोकतांत्रिक” नेता के रूप में बेनकाब किया है और “वोट चोरी” के उनके “झूठे” विमर्श की हवा निकाल दी है।
पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस से अलग होने वाले अहमद ने राहुल को “डरपोक” और “असुरक्षित” नेता बताया था। उन्होंने दावा किया था कि राहुल पार्टी में केवल उन्हीं युवा नेताओं को बढ़ावा दे रहे हैं, जो उनकी तारीफ करते हैं।
अहमद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा था कि राहुल जनता के बीच ऊंचा कद रखने वाले वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में असहज महसूस करते हैं और इसलिए वह केवल उन्हीं लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिनका कोई जनाधार नहीं है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अहमद की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “शकील अहमद ने राहुल गांधी का पर्दाफाश कर दिया है। राहुल गांधी हमेशा खुद को सबसे सहिष्णु और लोकतांत्रिक व्यक्ति बताते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।”
उन्होंने आरोप लगाया, “राहुल गांधी सबसे निरंकुश व्यक्ति हैं और इंदिरा गांधी की तरह ही उनकी सोच भी आपातकाल वाली है।”
अहमद की इस टिप्पणी का जिक्र करते हुए कि उन्हें बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अपना नाम हटाए जाने का दावा करने वाला कोई व्यक्ति नहीं मिला, पूनावाला ने कहा कि राहुल ने चुनाव में अपनी पार्टी की हार का दोष “दूसरों” पर मढ़ने के लिए ‘वोट चोरी’ के “बेबुनियाद” आरोप लगाए।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वह बार-बार ‘वोट चोरी’ की बात दोहरा रहे हैं, जबकि कांग्रेस अपनी “आंतरिक कमजोरी” के कारण चुनाव हार रही है।
पूनावाला ने कहा, “आज राहुल गांधी का झूठा विमर्श धराशायी हो गया है और उनका असली चेहरा बेनकाब हो गया है। वे अपनी पार्टी को निजी पारिवारिक संपत्ति मानते हैं। इसीलिए अगर कांग्रेस में कोई भी पार्टी के हित में बोलता है, न कि उनके हित में, तो वह उसे दरकिनार कर देते हैं।”
उन्होंने कहा, “दिग्विजय सिंह हों, कुमारी सैलजा हों, शकील अहमद हों या तारिक अनवर, सभी ने कहा है कि कांग्रेस अपनी आंतरिक कमजोरियों के कारण चुनाव हारी।”
भाषा पारुल माधव
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