बेहरामपुर/भुवनेश्वर, नौ फरवरी (भाषा) ओडिशा के गजपति जिले में तिब्बती मूल की सात साल की बच्ची के साथ एक नाबालिग लड़के ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यह घटना रविवार को मोहना थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई और 16 वर्षीय आरोपी को पकड़ लिया गया है।
पीड़ित बच्ची का परिवार उन हजारों परिवारों में से एक है जो 1960 के दशक में अपने आध्यात्मिक नेता के साथ तिब्बत से भागकर आए थे और इस जिले में बस गए थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी उसी इलाके में रहता है लेकिन दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखता है। उसने बच्ची के साथ उस समय उसके घर के अंदर कथित तौर पर दुष्कर्म किया, जब वह अकेली थी। उसके माता-पिता उसे घर पर छोड़कर एक सामाजिक समारोह में शामिल होने गए थे।
पीड़िता द्वारा घटना की जानकारी दिए जाने के बाद बच्ची की मां ने लड़के के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
गजपति के पुलिस अधीक्षक जतिंद्र पांडा ने कहा, ‘हमने लड़के के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।’
उन्होंने बताया कि आरोपी और पीड़िता दोनों की मेडिकल जांच करा ली गई है। आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने पहले कई मौकों पर आरोपी की शिक्षा सहित अन्य कार्यों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की थी। आरोपी का पीड़ित परिवार के घर आना-जाना था और उसके माता-पिता उसे जानते थे।
साल 1964 में गजपति जिले में लगभग 2500 तिब्बतियों को बसाया गया था। वे तब से चंद्रगिरि, जिरंगा, ताकिल्लीपदर, लबरसिंह और महेंद्रगढ़ स्थित पांच शिविरों में रह रहे हैं।
इस बीच, ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, ‘एक तिब्बती बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की घटना भाजपा सरकार के तहत कानून-व्यवस्था के चिंताजनक रूप से चरमराने को उजागर करती है। इस तरह के शर्मनाक अपराध राज्य की वैश्विक छवि को धूमिल करते हैं और हमारी सामूहिक अंतरात्मा को घायल करते हैं।’
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि हर महिला की सुरक्षा और सम्मान एक अटूट प्राथमिकता होनी चाहिए।
भाषा
नोमान नरेश
नरेश
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