गुरुग्राम: पुलिस ने बताया कि पानीपत सिविल अस्पताल में CT स्कैन टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहे एक सिक्योरिटी गार्ड पर 57 साल की महिला का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया गया है. महिला को रविवार देर रात जांच के लिए अकेले स्कैन रूम में ले जाया गया था.
महिला को दिल की बीमारी थी और 16 अगस्त की देर शाम उन्हें अस्पताल लाया गया था. बाद में रोहतक के सरकारी PGI अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई.
पानीपत अस्पताल के डॉक्टरों ने एक्स-रे और CT स्कैन कराने की सलाह दी थी. इसके बाद स्कैन रूम के अंदर महिला का यौन उत्पीड़न किया गया. पुलिस शिकायत के अनुसार, आरोपी राकेश महिला को अकेले CT स्कैन रूम में ले गया था, जबकि उनके परिवार के लोग बाहर इंतज़ार कर रहे थे.
शिकायत में कहा गया है कि उस समय कमरे के अंदर कोई दूसरा स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था. आरोपी ने महिला को इस घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी भी दी.
जब महिला को आखिरकार कमरे से बाहर लाया गया, तब वह आधी बेहोशी की हालत में थीं. होश में आने के बाद ही उन्होंने अपने परिवार को बताया कि उनके साथ क्या हुआ था. परिवार ने तुरंत रात करीब 11:30 बजे Dial 112 पर पुलिस को सूचना दी.
पानीपत के सिटी पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर देवेंद्र कुमार ने बताया कि महिला की शिकायत पर उसी रात देर से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) और 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज की गई.
महिलाओं के मुद्दों पर काम करने वाली संस्था नारी तू नारायणी नारी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या ने दिप्रिंट को बताया कि उन्हें पीड़िता के परिवार से रात करीब 9:45 बजे फोन आया था और उन्होंने पुलिस को सूचना दी.
आर्या ने कहा कि यह चिंता की बात है कि एक पुरुष कर्मचारी को एक महिला मरीज का स्कैन करने के लिए कमरे का दरवाजा बंद करने और वहां अकेले काम करने की अनुमति दी गई, जबकि वहां परिवार का कोई सदस्य या महिला स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं थे.
बाद में उन्होंने बताया कि पीड़िता के पति ने सुबह उनसे बात की और महिला की मौत की जानकारी दी. आर्या ने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की.
पानीपत के सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक ने बताया कि आरोपी सरकारी कर्मचारी नहीं था, बल्कि Healthmap नाम की एक निजी कंपनी के साथ काम करता था. इस कंपनी को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत हरियाणा के सिविल अस्पतालों में CT स्कैन और अल्ट्रासाउंड सेवाएं चलाने का ठेका दिया गया है.
डॉ. मलिक ने दिप्रिंट को बताया, “Healthmap के मैनेजमेंट ने मुझे बताया है कि राकेश, जो सिक्योरिटी गार्ड था और उसे टेक्नीशियन का काम भी करने की अनुमति दी गई थी और सचिन, जो असली टेक्नीशियन था, दोनों को नौकरी से हटा दिया गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि आगे से जब भी किसी महिला मरीज का स्कैन होगा, तब एक महिला कर्मचारी वहां मौजूद रहेगी.”
हरियाणा सरकार ने CT स्कैन जैसी महंगी मशीनों से जुड़ी जांच का काम PPP मॉडल के तहत निजी कंपनियों को दे रखा है. मरीजों को जांच और प्रक्रियाओं के लिए पैसे देने पड़ते हैं, हालांकि ये शुल्क सरकारी व्यवस्था से बाहर मौजूद निजी अस्पतालों की तुलना में कम हैं.
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