नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) वैज्ञानिकों ने एक तरह की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग टूल्स का इस्तेमाल कर सौरमंडल के बाहर के अज्ञात ग्रह के सबूत मिलने की पुष्टि की है।
अमेरिका के जॉर्जिया विश्वविद्यालय (यूजीए) के शोधकर्ताओं ने कहा कि उनके अध्ययन से मशीन लर्निंग के जरिए नए बने तारों के आसपास की गैस प्रोटोप्लेनेटरी डिस्क को देखकर एक्सोप्लैनेट (सौर मंडल के बाहर के ग्रह) की मौजूदगी को सही ढंग से निर्धारित करने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि ‘द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल’ में प्रकाशित उनके निष्कर्ष, पहले से अनदेखे एक्सोप्लैनेट की पहचान करने के लिए मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करने की दिशा में पहला कदम है।
यूजीए फ्रैंकलिन कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में भौतिकी और खगोल विज्ञान विभाग में डॉक्टरेट छात्र और अध्ययन के अग्रणी लेखक जेसन टेरी ने कहा, ‘‘हमने पारंपरिक तकनीक का इस्तेमाल करके ग्रह की मौजूदगी की पुष्टि की, लेकिन हमारे मॉडल ने हमें उन सिमुलेशन को चलाने के लिए निर्देशित किया और हमें दिखाया कि ग्रह कहां स्थित हो सकता है।’’
टेरी ने कहा, ‘‘मॉडल को पुराने अवलोकन के एक सेट पर लागू किया गया, तो एक ऐसी डिस्क की पहचान की गई जिसमें विश्लेषण के बावजूद ग्रह के बारे में पता नहीं चल पाया था।’’
टेरी के अनुसार, मॉडल ने एक ग्रह की मौजूदगी का संकेत दिया।
कम्प्यूटेशनल एस्ट्रोफिजिक्स और यूजीए में एक्सोप्लैनेट एंड प्लैनेट फॉर्मेशन रिसर्च ग्रुप की प्रमुख अन्वेषक और सहायक प्रोफेसर केसांद्रा हॉल ने कहा, ‘‘यह अवधारणा का अविश्वसनीय रूप से रोमांचक प्रमाण है। हम अपने पहले के कार्य से जानते थे कि हम सौर मंडल के बाहर के ग्रह को खोजने के लिए मशीन लर्निंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।’’
शोधकर्ताओं ने कहा कि उनका अध्ययन इस बात का उदाहरण है कि कैसे एआई का इस्तेमाल विश्लेषण की सटीकता का विस्तार करके तथा उनके समय को कुशलतापूर्वक कम करके वैज्ञानिकों के काम में मदद कर सकता है।
भाषा आशीष वैभव
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