scorecardresearch
Monday, 2 February, 2026
होमदेशशीर्ष अदालत के आदेश के बाद दिल्ली में स्कूल शुल्क निर्धारण प्रक्रिया आसान की गई

शीर्ष अदालत के आदेश के बाद दिल्ली में स्कूल शुल्क निर्धारण प्रक्रिया आसान की गई

Text Size:

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय द्वारा नए शुल्क निर्धारण कानून पर सवाल उठाए जाने के बाद, दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम’ के कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए एक गजट अधिसूचना जारी की है।

रविवार को जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक स्कूल को आदेश के प्रकाशन के 10 दिनों के भीतर एक स्कूल-स्तरीय शुल्क विनियमन समिति (एसएलएफआरसी) गठित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, पिछली अधिसूचना के तहत पहले से गठित समितियों को नई व्यवस्था के अंतर्गत वैध माना जाएगा।

गजट अधिसूचना में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन को एसएलएफआरसी के गठन के 14 दिनों के भीतर 2026-27 से शुरू होने वाले अगले तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए प्रस्तावित शुल्क संरचना का विवरण जमा करना होगा, जिसके बाद समिति अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार शुल्क निर्धारित करेगी।

इसमें कहा गया है कि शिक्षा निदेशक को शुल्क निर्धारण से संबंधित अपीलों की सुनवाई के लिए 30 दिनों के भीतर प्रत्येक शिक्षा जिले में जिला शुल्क अपीलीय समितियां (डीएफएसी) स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि संशोधित समय-सीमा केवल 2026-27 से शुरू होने वाले अगले तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए लागू होगी और भविष्य के सभी शैक्षिक सत्रों के लिए अधिनियम एवं नियमों में निर्धारित सख्त समय-सीमा का पालन किया जाएगा।

अभिभावकों को अंतरिम राहत देते हुए गजट अधिसूचना में कहा गया है कि आगामी सत्र के लिए नई शुल्क संरचना तय होने तक स्कूलों को एक अप्रैल, 2025 तक ली जा रही फीस से अधिक राशि वसूलने की अनुमति नहीं होगी।

इसमें यह भी कहा गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए स्कूलों द्वारा वसूले गए किसी भी अत्यधिक शुल्क को कानून के अनुसार विनियमित किया जाएगा, जो दिल्ली उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित मामलों के अंतिम परिणाम के अधीन होगा।

यह कदम उच्चतम न्यायालय द्वारा हाल में दिल्ली सरकार के शुल्क विनियमन ढांचे की वैधता की पड़ताल करने की पृष्ठभूमि में आया है। अदालत ने समितियों की संरचना और मनमानी शुल्क वृद्धि के खिलाफ सुरक्षा उपायों सहित कानून के कई प्रावधानों पर स्पष्टता मांगी थी।

गौरतलब है कि दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक को 2025 में दिल्ली विधानसभा ने पारित किया था। इसका उद्देश्य स्कूल शुल्क तय करने में अधिक पारदर्शिता लाना, अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करना और मनमानी बढ़ोतरी पर अंकुश लगाना है।

भाषा नोमान दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments