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Wednesday, 9 September, 2026
होमदेशसत्या निकेतन मामला: ‘दुकान की जगह के लिए दीवार हटाई’, ठेकेदार ने पुलिस को बताया

सत्या निकेतन मामला: ‘दुकान की जगह के लिए दीवार हटाई’, ठेकेदार ने पुलिस को बताया

हॉस्टल डेज़ के ऑपरेटर ने दिल्ली पुलिस को बताया कि वह 2022 से सत्या निकेतन में 7 PG चला रहा है; अगस्त 2025 में उसने रविवार को गिरी इमारत की 4 मंजिलें लीज पर ली थीं.

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नई दिल्ली: ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए जगह में रुकावट बन रही एक दीवार को हटाने की वजह से सत्या निकेतन की पांच मंजिला इमारत गिर गई हो सकती है. निर्माण का काम करने के लिए रखे गए ठेकेदार ने पुलिस को यह जानकारी दी.

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सत्या निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में हॉस्टल डेज़ के ऑपरेटर सुधांशु लोवनीश और लेबर ठेकेदार सनोज कुमार को गिरफ्तार किया. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है.

पुलिस के मुताबिक, मोती बाग निवासी कुमार को इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता के बेटे महेश गुप्ता ने मरम्मत और निर्माण का ठेका दिया था.

मामले की जानकारी रखने वाले दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “उसने (सनोज ने) बताया कि करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने उसे इमारत में मरम्मत का काम करने के लिए रखा था. काम बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर करने का था. करीब तीन ट्रक मलबा बेसमेंट में भर दिया गया था.”

पूछताछ के दौरान लेबर ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि महेश उसे हर दिन 2,800 रुपये दे रहा था. अधिकारी ने कहा, “ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए जगह में एक दीवार रुकावट बन रही थी. घटना वाले दिन उन्होंने जगह बनाने के लिए उस दीवार को हटा दिया. इमारत इतना वजन नहीं सह सकी और आखिरकार गिर गई.”

35 साल का सनोज, मोती बाग की JJ कॉलोनी, नानकपुरा का रहने वाला है.

इससे पहले दिन में पुलिस ने भजनपुरा से PG ऑपरेटर सुधांशु लोवनीश को गिरफ्तार किया था. अधिकारी ने कहा, “पूछताछ के दौरान उसने (सुधांशु ने) बताया कि उसने और उसके बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी ने इमारत की खराब हालत के कारण यह संपत्ति कम कीमत पर ली थी और इमारत में चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी होने के बावजूद उसने इस पर ध्यान नहीं दिया, जबकि उसे पता था कि इससे पूरी इमारत पर असर पड़ सकता है.”

सुधांशु ने पुलिस को बताया कि वह 2022 से आसपास के इलाके में 7 PG चला रहा है. अधिकारी ने कहा, “उसने अगस्त 2025 में इस इमारत की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये प्रति महीने के किराए पर लीज पर ली थीं.”

इससे पहले पुलिस ने घटना के सिलसिले में इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया था.

पुलिस ने महेश, सनोज और सुधांशु को स्थानीय अदालत में पेश किया और उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 105 (हत्या न माने जाने वाला गैर-इरादतन हत्या का अपराध), 290 (लापरवाही से निर्माण कार्य) और 125(a) (जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला काम) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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