मुंबई, 16 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र में विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य में संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर गिरोह में आईपीएस अधिकारी दत्ता कराले सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाया और बृहस्पतिवार को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि कुख्यात ‘‘जामताड़ा मॉडल’’ के समान फर्जी कॉल सेंटर विश्व स्तर पर नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं और महाराष्ट्र से करोड़ों रुपये का धन-शोधन कर रहे हैं।
खास तौर पर झारखंड का जामताड़ा जिला एक बड़े और संगठित कॉल सेंटर गिरोह के केंद्र के रूप में कुख्यात हो गया, जिसने पूरे भारत में हजारों लोगों को ठगा।
सपकाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान में उप महानिरीक्षक (नासिक रेंज) के रूप में कार्यरत कराले दो पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ महाराष्ट्र में इस गिरोह से जुड़े हुए थे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य प्रशासन के वरिष्ठ स्तर से ‘‘मदद’’ के बिना इतने बड़े पैमाने पर अभियान चलाना संभव नहीं था।
कराले ने आरोपों पर प्रतिक्रिया के लिए भेजे संदेश का जवाब नहीं दिया है।
सपकाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा अगस्त और सितंबर 2025 में दर्ज की गई प्राथमिकी का हवाला देते हुए कहा कि नासिक शहर और नासिक जिले के एक कस्बे इगतपुरी में छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप फर्जी कॉल सेंटर संचालित करने वालों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र पुलिस पहले इस गिरोह का पता लगाने में क्यों विफल रही।
सपकाल ने पूछा, ‘‘राज्य पुलिस इन कॉल सेंटर के बारे में कोई सुराग क्यों नहीं जुटा पाई? वे क्या कर रहे थे?’’
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि वे सीबीआई से विवरण प्राप्त करें और आरोपी अधिकारियों को ‘‘क्लीन चिट’’ देने के बजाय उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू करें।
भाषा
शुभम खारी
खारी
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